पिथौरागढ़। विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर महाविद्यालय मेें सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें जीवन में पुस्तकों के महत्व के साथ ही उनके भविष्य पर भी प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने मुद्रित अक्षरों के भविष्य को अनंत आकाश बताया।
सोमवार को विश्व पुस्तक दिवस पर राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के तत्वावधान में अजीमजी प्रेमजी फाउंडेशन ने एक दिनी सेमिनार का आयोजन किया। इसमें इंटरनेट के दौर में मुद्रित अक्षरों के भविष्य पर चर्चा हुई। सेमिनार को विज्ञान लेखक एवं मुख्य वक्ता देवेंद्र मेवाड़ी, शिक्षा अधिकारी भानुप्रताप कुशवाहा, वरिष्ठ पत्रकार बीडी कसनियाल, पुस्तक न्यास के आनंद विजय आदि ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि पुस्तकें सही जीवन जीने का तरीका बताती हैं। वहीं, सही फैसले लेने में भी मदद मिलती है। इस अवसर पर काव्य गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। इसमें दिनेश भट्ट, नवीन विश्वकर्मा, राजेश पंत आदि ने प्रस्तुति दी। इस दौरान पुस्तक न्यास के संपादक डॉ ललित, शिक्षक महेश पुनेठा, मुकुल भट्ट, लोकेश ठाकुर आदि थे।