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रिंगाल से बनी वस्तुएं हाथों हाथ ले रहे लोग

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पिथौरागढ़। उत्तरापथ संस्था के कारीगरों द्वारा तैयार रिंगाल के उत्पाद आठगांवशिलिंग महोत्सव में छा गए हैं। विभिन्न सरकारी विभागों के स्टाल के बीच रिंगाल के उत्पादों का यह स्टाल ज्यादा चहल पहल वाला है। इसमें रिंगाल से बनी टोकरियां, फूलदान, डस्टबिन, सर्विस ट्रे, मंदिर की टोकरी आदि सामग्री रखी गई है। उत्तरापथ ने पहले गांव के लोगों को रिंगाल पैदा करने के लिए प्रेरित किया। बाद में अपने कुशल कारीगरों के माध्यम से विभिन्न प्रकार की सामग्री तैयार करवा दी।

मास्टर ट्रेनर किशन राम, पुष्कर बोरा, चनर राम को रिंगाल से सामग्री तैयार करने में महारत हासिल है। वह एक दिन में तीन चार आकर्षक टोकरियां तैयार कर देते हैं। इनको विभिन्न मेलों और आयोजनों में ले जाकर लोगों को परिचित कराया जा रहा है। पिछले पांच वर्ष से यह काम चल रहा है और मुवानी घाटी के कई लोग प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से इस काम से जुड़े हैं। स्टाल का संचालन कर रहे पंकज कार्की और पूरन भट्ट ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए रिंगाल से बने उत्पादों का प्रयोग करना चाहिए। उनका कहना है कि रिंगाल से बनी वस्तुएं टिकाऊ होती हैं। इनमें रखी जाने वाली सामग्री लंबे समय तक खराब नहीं होती। सबसे अहम बात यह है कि पॉलिथीन और प्लास्टिक से फैलने वाली गंदगी को रोकने में रिंगाल सहायक साबित हो रहा है। अब कई सरकारी दफ्तरों में भी रिंगाल से तैयार डस्टबिन, सर्विस ट्रे उपयोग में लाए जाने लगे हैं। उत्तरापथ के राजेंद्र पंत ने बताया कि रिंगाल को आम लोगों के बीच एक विचार के रूप में रखा जा रहा है।
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मुख्य विकास अधिकारी वंदना ने रिंगाल के उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि इस काम को और बढ़ावा दिया जाए। प्रशासन अपने स्तर से भी रिंगाल को बढ़ावा देने का प्रयास करेगा।
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