गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटक आवासगृहों में फैली अव्यवस्थाओं से पर्यटक खासे नाराज हैं। भोजन, सफाई को लेकर पर्यटकों को शिकायत है। बताया गया कि पर्यटक आवासगृहों की व्यवस्था को देखने के लिए कभी कोई अधिकारी नहीं आता और इनमें व्यवस्थाओं के सुधार के लिए धन नहीं दिया जाता। एक तरफ सरकार पहाड़ पर पर्यटन विकास का दावा करती है, लेकिन दूसरी तरफ पर्यटक आवासगृहों की अव्यवस्था सुधारने के लिए कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
गंगोलीहाट के पर्यटक आवासगृह में भोजन का स्तर इतना घटिया है कि कोई भी उसे ले नहीं सकता। सफाई की व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। कमरों में सीलन थी। बिस्तर से दुर्गंध आ रही थी। ऐसा प्रतीत होता है कि बारिश के बाद सीलन हटाने के लिए उनको सुखाने का प्रयास नहीं किया गया था। पेयजल की सप्लाई भी उचित नहीं थी। कमरों में कई जगह कॉकरौच घूम रहे थे। आवासगृह में रहने को आने वाले पर्यटकों का कहना है कि यदि यही व्यवस्था रही तो आवासगृह में कोई भी एक दिन नहीं टिक पाएगा।
इधर, सूत्रों का कहना है कि पर्यटक आवासगृहों की व्यवस्था देखने के लिए कभी कोई उच्चाधिकारी नहीं आता। लंबे समय से व्यवस्था सुधारने के लिए धन नहीं दिया गया है। जहां पर व्यवस्थाएं ठीक हैं वहां पर प्रबंधकों के स्तर से ही सुधार है। इस समय पूरे कुमाऊं में बंगाली पर्यटक आ रहे हैं। आवास के लिए उनकी पहली वरीयता पर्यटक आवासगृह ही होते हैं।
गंगोलीहाट पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक गणेश चमियाल ने माना कि पर्यटक आवास गृह में कमियां हैं। टेलीफोन और सीलन से संबंधित समस्याओं को दूर करने के लिए एमडी के पास प्रस्ताव भेजा है। बजट आते ही अगली बार से व्यवस्थाएं सुधर जाएंगी।