पिथौरागढ़। डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन की जिला इकाई ने मुख्यमंत्री के ‘डॉक्टरों से अधिक वेतन मिलता है’ बयान पर रोष जताया। आरोप लगाया कि राज्य का मंत्री परिषद बगैर अध्ययन, परीक्षण कराए संवर्ग के वेतनमानों को कम करने की साजिश रच रहा है।
संगठन सभागार में हुई बैठक में फार्मेसिस्टों ने मुख्यमंत्री के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। कहा कि नर्सिंग संवर्ग द्वारा फार्मेसिस्ट संवर्ग की शैक्षिक योग्यता, अनुमन्य वेतनमान पर तथ्यहीन बयानबाजी की जा रही है, इसका संगठन विरोध करता है। कहा कि नर्सिंग संवर्ग इसी मुद्दे पर वर्ष 2014-15 में आंदोलन कर चुका है। कहा कि वर्ष 2015 से उप निदेशक फार्मेसी और विशेष कार्याधिकारी फार्मेसी का पद रिक्त है।
बार-बार अनुरोध के बाद भी पदोन्नति नहीं की जा रही है। कहा कि यदि नर्सिंग संवर्ग 25 सितंबर से हड़ताल पर जाता है तो उसी दिन से फार्मेसिस्ट भी हड़ताल पर चले जाएंगे। इस दौरान आकस्मिक सेवाएं भी बंद की जाएंगी। बैठक में पीके जोशी, केएस अधिकारी, जीएस डसीला, गिरीश जोशी, आरएस अधिकारी, पीएल वर्मा, विपिन चंद्र जोशी, एचएस बोरा आदि मौजूद थे।