धारचूला (पिथौरागढ़)। नेपाल सीमा से सटे गांवों को संचार सेवा से जोड़ने के लिए दो वर्ष पहले लगाया गया टावर ठप हो गया है। इस कारण चौदांस घाटी के लोगों को फोन से बात करने के लिए 45 किलोमीटर दूर धारचूला आना पड़ रहा है।
चौदांस घाटी के ठाणीधार में दो वर्ष पहले बीएसएनएल का टावर लगाते समय भाजपा और कांग्रेस में श्रेय लेने की होड़ मच गई थी। कुछ समय तक इस टावर ने सही ढंग से काम किया और चौदांस घाटी के पांगू, रिमझिम, रौंतो, छलमाछिलासो, हिमखोला, सोसा, नारायणआश्रम आदि क्षेत्रों में मोबाइल सेवाएं मिलने लगी थी। आठ माह पहले टावर में सुधारीकरण कार्य किया गया, लेकिन तब से सिगनल आने बंद हो गए। खास बात यह है कि मरम्मत के नाम पर सेवा को ठप करने के बाद बीएसएनएल के किसी कर्मचारी ने इलाके में जाने की जरूरत नहीं समझी।
पंचम ग्राम पंचायत कल्याण समिति के अध्यक्ष जगदीश सिंह ह्यांकी के नेतृत्व में बुधवार लोगों ने 45 किलोमीटर दूर तहसील मुख्यालय आकर एसडीएम राज कुमार पांडे को इसकी जानकारी दी। कहा कि बीएसएनएल के अधिकारियों के साथ ग्रामीणों की बैठक कराई जाए। पंचम ग्राम पंचायत कल्याण समिति ने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर बीएसएनएल सेवा सही नहीं हुई तो क्षेत्र के लोग प्रदर्शन करेंगे।
एसडीएम ने बीएसएनएल के अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर संचार सेवा दुरुस्त करने के निर्देश दिए। ज्ञापन देने वालों में गोविंद सिंह, गगन सिंह, चंचल सिंह, शंकर सिंह, अर्जुन सिंह, किशन सिंह, मनी राम, नैन राम, जोत सिंह मौजूद थे। संचार सेवा ठप होने के बाद अब कोई भी राजनीतिक दल आवाज नहीं उठा रहा है।