टनल के रास्ते कर्मचारियों को निकालती टीम
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भूस्खलन से प्रवेश द्वार बंद होने से एनएचपीसी के पावर हाउस में फंसे 11 कर्मियों को आखिरकार तीसरे दिन सुरक्षित निकाल लिया गया। सभी कर्मियों की मेडिकल जांच की गई। दूसरी शिफ्ट के कर्मचारियों को जरूरी सामान के साथ पावर हाउस में भेजा गया है।
बीते शनिवार की शाम को ऐलागाड़ स्थित एनएचपीसी के भूमिगत पावर हाउस के पास पहाड़ी दरकने से मलबे और बोल्डरों के कारण टनल का प्रवेश द्वार बंद हो गया था। इसके चलते 19 अधिकारी और कर्मचारी पावर हाउस में ही फंस गए थे। इनमें आठ कर्मियों को रविवार को निकाल लिया गया था जबकि 11 कर्मियों को नहीं निकाला जा सका था। भारी मात्रा में मलबा गिरने के कारण शिफ्ट चेंज करने की स्थिति नहीं होने से सभी 11 कर्मियों को पावर हाउस में रुकना पड़ा। इन कर्मचारियों के लिए पावर हाउस में खाद्य सामग्री भेजी गई थी। कर्मचारियों ने सोमवार को एक वीडियो भी जारी किया था जिसमें उन्होंने सभी के सुरक्षित होने और किसी तरह की चिंता न करने की बात कही थी।
इधर बीआरओ, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की ओर से लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा था। मंगलवार सुबह से ही कर्मचारियों को निकालने की कवायद चलती रही। इसके लिए एक रेस्क्यू टीम भीतर भेजी गई। इसके बाद दोपहर 1:20 बजे पावर हाउस में फंसे सभी कर्मियों को टनल से सुरक्षित निकाल लिया गया। इसके बाद पावर हाउस में दूसरी शिफ्ट के कर्मचारियों को जरूरी सामग्री के साथ टनल के रास्ते पावर हाउस में भेजा गया।
पावर हाउस से चौथे दिन बाहर निकले सभी कर्मचारियों के स्वास्थ्य की मेडिकल टीम ने जांच की। एनएचपीसी के अधिकारियों ने कर्मचारियों से बातचीत की। टनल से बाहर निकलने के बाद कर्मचारियों और उनके परिजनों के साथ ही प्रशासन ने राहत की सांस ली है। रेस्क्यू टीम के साथ तहसीलदार दमन शेखर राणा और एनएचपीसी के अधिकारी मौजूद रहे।
पहाड़ी दरकने से टनल के मुहाने पर एकत्र हो रहा मलबा
जिस स्थान पर पावर हाउस में जाने के लिए प्रवेश द्वार हैं, उसके ठीक ऊपर पहाड़ी से लगातार मलबा और बोल्डर गिर रहे हैं। इसके चलते आवाजाही में अभी भी खतरा बना हुआ है। मंगलवार को शिफ्ट बदलते समय भी बेहद एहतियात बरती गई। टनल के मुहाने पर भी विशालकाय बोल्डर पड़े हुए हैं। बचाव दल को भी इन्हीं बोल्डरों के ऊपर से होकर भीतर जाना पड़ा।
एनएचपीसी के पावर हाउस में फंसे सभी 11 कर्मचारियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। सभी कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच की गई है। सभी कर्मचारी स्वस्थ हैं। जितेंद्र वर्मा, एसडीएम धारचूला