कैलाश मानसरोवर यात्रा के दसवें दल के यात्रियों का पर्यटक आवास गृह और मिर्थी पहुंचने पर स्वागत किया गया। इस दौरान यात्री छलिया दलों के साथ जमकर थिरके।
दसवें दल के 52 यात्री (38 पुरुष और 14 महिलाएं) शुक्रवार को लाइजनिंग अधिकारी नवनीत मोहन कोठारी और अरुण कुमार गुप्ता के नेतृत्व में केएमवीएन के पर्यटक आवास गृह पहुंचे। यहां प्रबंधक आनंद आर्या के नेतृत्व में निगम कर्मियों ने बुरांश का जूस पिलाकर यात्रियों का स्वागत किया। यात्रियों को दोपहर के भोजन के साथ भट के डुबके, भांग की चटनी, ककड़ी का रायत और पहाड़ी चावल की खीर परोसी गई। इसके बाद यात्री सातवीं वाहिनी आईटीबीपी मिर्थी पहुंचे। उप सेनानी मुकेश चंद्र मीणा के नेतृत्व में छलिया दलों ने ढोल-नगाड़ों की धुन पर यात्रियों का स्वागत किया।
‘दैण हो जाए हो कैलाशपति’, ‘बेड़ू पाको बारो मासा, ओ नरेण काफल पाको चैत’, ‘हाय तेरी रुमाल गुलाबी मुखड़ी’ पर यात्री जमकर थिरके। दल में सर्वाधिक उम्र के यात्री महाराष्ट्र के मुरली प्रसाद करनाम (69) और सबसे कम राजस्थान के राहुल सोनी (21) हैं। यात्रियों का कहना था कि वह काफी सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें सावन के पवित्र माह में भगवान भोलेनाथ की नगरी के दर्शन का मौका मिल रहा है। उप सेनानी मीणा ने यात्रियों को उच्च हिमालयी क्षेत्र में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी। बाद में यात्री धारचूला को रवाना हो गए। इस मौके पर सहायक सेनानी दिलीप सिंह, हरवंश लाल, ई. विक्रांत सिंह, डॉ. दीपक गोगोई आदि मौजूद रहे।
दल में सर्वाधिक 14 यात्री यूपी से
डीडीहाट। कैलाश यात्रा के दसवें दल में सर्वाधिक 14 यात्री यूपी से हैं। गुजरात से नौ, महाराष्ट्र से आठ, दिल्ली, कर्नाटक से चार-चार, मध्यप्रदेश से तीन, झारखंड, राजस्थान, पश्चिमी बंगाल से दो-दो, बिहार, हरियाणा, केरल, और तेलंगाना से एक-एक यात्री शामिल है।
बूंदी पहुंचे छठे दल के यात्री
डीडीहाट। कैलाश मानसरोवर यात्रा के छठे दल के 57 यात्री गुंजी से बूंदी पहुंच गए हैं। सातवें दल के यात्री डेरापुक, आठवां दल तकलाकोट और नौवें दल के यात्री नाबी गांव से गुंजी पहुंच गए हैं। आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मिर्थी से मिली जानकारी के अनुसार उच्च हिमालयी क्षेत्र में बादल लगे हैं। मौसम सुहावना बना हुआ है।