पिथौरागढ़ महिला अस्पताल में प्रसव के बाद महिला
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डीजल एवं मरम्मत के अभाव में आपातकालीन सेवा 108 और खुशियों की सवारी का संचालन ठप है, इसका खामियाजा आर्थिक रूप से कमजोर तबके को भुगतना पड़ रहा है। जरूरत के समय इन सेवाओं को फोन करने पर एक ही जवाब मिलता है, एंबुलेंस बंद है, प्राइवेट टैक्सी बुक करो। जैसे-तैसे जरूरतमंद निजी वाहन बुक कर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
जिला मुख्यालय के नजदीकी आठगांव शिलिंग क्षेत्र के सिमलकोट निवासी पूरन सिंह वल्दिया की बहू दीपा को शुक्रवार तड़के 4.30 बजे प्रसव वेदना हुई। इसकी जानकारी उन्होंने आशा वर्कर ललिता वल्दिया को दी। साथ ही 108 सेवा को फोन किया। वहां से जवाब मिला कि सेवा बंद है, प्राइवेट टैक्सी बुक करो।
बाद में निजी टैक्सी से दीपा को महिला अस्पताल पहुंचाया गया। दीपा ने डेढ़ बजे स्वस्थ बालिका को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हैं और घर में बिटिया आने की खुशी मनाई जा रही है। चिकित्सक डॉ. भागीरथी गर्ब्याल का कहना है कि आपातकालीन 108 की सेवा बढ़ाई जानी चाहिए।
108 को फोन करने के बजाय निजी टैक्सी बुक कर रहे लोग
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में पत्नी के प्रसव को आए आगर निवासी महेंद्र राम ने बताया कि उनकी पत्नी अंजलि को सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई। कुछ लोगों ने उन्हें 108 सेवा को फोन करने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने 108 सेवा को फोन करने के बजाय 400 रुपये में निजी टैक्सी बुक की और पत्नी को लेकर महिला अस्पताल पहुंचे। दोपहर 12.30 बजे उनकी पत्नी ने स्वस्थ बेटी को जन्म दिया। बेटी के जन्म से पति-पत्नी दोनों खुश हैं।