सीमांत जिले में 108 का जिम्मा संभालने वाली कैंप कंपनी ने पिछले 15 दिनों में 225 लोगों की सहायता की। इनमें 60 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित हॉस्पिटल पहुंचाकर सफल प्रसव कराया। कैंप की ओर से हर एंबुलेंस में एक महिला मेडिकल कर्मी को तैनात किया गया है।
पुरानी कंपनी से करार समाप्त होने के बाद पहली मई से कैंप कंपनी ने आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराना शुरू किया। कैंप कंपनी के जिला प्रोग्राम मैनेजर परमानंद पंत ने बताया कि कंपनी ने हर एंबुलेंस में एक महिला मेडिकल कर्मी की तैनाती की है, जिससे महिलाओं का इस सेवा पर भरोसा मजबूत हुआ है।
कैंप कंपनी के तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करते हुए इस बार कॉलर को एंबुलेंस का नंबर और मेसेज भी भेजे जा रहे हैं। इससे मरीज के परिजन एंबुलेंस की वास्तविक स्थिति की जानकारी ले पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आने वाने समय में इसको जीपीएस से जोड़ने की भी योजना है।
जीपीएस से जुड़ने के बाद अपने स्मार्ट फोन पर मरीज एंबुलेंस की वास्तविक स्थिति भी देख सकेंगे। उन्होंने बताया कि वाहनों में ईंधन की समस्या न रहे इसके लिए हर एंबुलेंस को दो पेट्रोल कार्ड हिंदुस्तान पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल के दिए गए हैं।