अस्कोट (पिथौरागढ़)। एकादशी पर्व पर सिंगाली क्षेत्र के प्रसिद्ध धनलेक मंदिर का मेला शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। पांच गांवों से आए देव डोलों ने मंदिर की परिक्रमा की। इस मेले में पहुंचे हजारों लोगों ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर देव डंगरियों का आशीर्वाद लिया।
धनलेक मंदिर में शनिवार सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया था। स्थानीय गांवों के साथ ही डीडीहाट, अस्कोट, भागीचौरा, कनालीछीना, जौलजीबी आदि क्षेत्रों से भी मेलार्थी पहुंचे। जमतड़ी से वनराजि भी मेले में पहुंचे। दिन में एक बजे गनाई गांव, सूनाकोट, बस्तड़ी, मझेड़ा, उड़मा, दिगरा से ढोल-नगाड़ों के साथ देव डोले आए। इन देव डोलों ने मंदिर की परिक्रमा की। पुजारी मोहन चंद्र ओझा, पुष्कर राज ओझा, ठाकुर दत्त ओझा, देवकी नंदन ओझा ने मंदिर में पूजा अर्चना की। नारायण सिंह जेठी की ओर से भंडारे का आयोजन किया गया।
मेले में पहुंचे मुख्य अतिथि कांग्रेस नेता प्रदीप पाल ने कहा कि यह मेले हमारी आस्था का केंद्र हैं। इनके संरक्षण के प्रयास किए जाने जरूरी हैं। उनके साथ क्षेत्र पंचायत सदस्य त्रिलोक सिंह बिष्ट, पूर्व छात्र नेता सुंदर जिमवाल, तनुज पाल, प्रताप राम आदि मौजूद थे। मेले में पिथौरागढ़, बरेली, मुरादाबाद आदि स्थानों से 50 से अधिक व्यापारी भी पहुंचे थे।