नाचनी (पिथौरागढ़)। पिथौरागढ़ और बागेश्वर के अधिकारियों ने भैंसखाल गांव के नदी तल पर खनन की ई-टेंडरिंग के लिए भूमि का संयुक्त निरीक्षण किया। जांच में बागेश्वर जिले की ओर से गलत मापन कर शासन को रिपोर्ट भेजने की बात उजागर हुई। ई-टेंडरिंग की कवायद के बीच क्षेत्र के लोगों ने भैंसखाल में खनन का विरोध करने का ऐलान कर दिया है।
मुनस्यारी के एसडीएम कृष्ण नाथ गोस्वामी और कपकोट (बागेश्वर) के एसडीएम रवींद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में पहुंची टीम ने भूमि का मापन किया। नक्शे का मिलान किया गया और जमीन को नापा गया। बागेश्वर जिले की जमीन नदी तट से 140 मीटर दूर निकली, जबकि जमीन का मापन नदी के मध्य तक किया गया था। जमीन के मापन के दौरान बागेश्वर जिले के जमीन के कागजात जल्दबाजी में तैयार करने की बात सामने आई। बागेश्वर के राजस्व विभाग ने पिथौरागढ़ जिले की भूमि का आकलन कर रिपोर्ट शासन को भेज दी थी।
एसडीएम कृष्ण नाथ गोस्वामी ने कहा कि मामले को डीएम के संज्ञान में लाया जाएगा। शासन को नए सिरे से रिपोर्ट भेजी जाएगी। जांच टीम में पिथौरागढ़ के खान अधिकारी प्रदीप कुमार, मुनस्यारी के रेंजर पूरन सिंह देउपा और राजस्व कर्मी मौजूद थे। भैंसखाल की प्रधान चंद्रकला दानू, पूर्व प्रधान पूरन सिंह मेहरा ने कहा कि भैंसखाल गांव हरड़िया गधेरे और रातीगाड़ के बीच में बसा है। खनन का काम शुरू होने से पहले गांव की सुरक्षा का कार्य होना चाहिए। गांव की कई हेक्टेयर भूमि बह गई है। कहा कि खतरे से बचाव का उपाय नहीं हुआ तो खनन का काम नहीं होने दिया जाएगा।