फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कल से मिलेगा आंवलाघाट योजना का पानी

विज्ञापन
विज्ञापन
पिथौरागढ़। नगरवासियों को रविवार से आंवलाघाट योजना का पानी मिलना शुरू हो जाएगा। इस योजना से आपूर्ति के बाद नगर ही नहीं आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी पेयजल किल्लत से निजात मिलेगी। कार्यदायी संस्था जल निगम ने आखिरी दौर का ट्रायल पूरा कर लिया है।
विज्ञापन


पानी की किल्लत नगर की एक बड़ी समस्या है। नगर की रोजाना मांग 12 एमएलडी है, जबकि घाट, ठ़ुलीगाड़, रई योजना को मिलाकर बमुश्किल छह एमएलडी पानी मिल पा रहा है। रोजाना 35 हजार की आबादी को पेयजल आपूर्ति से वंचित रहना पड़ता है। पेयजल समस्या को देेखते हुए वर्ष 2014 से आंवलाघाट पंपिंग योजना पर काम शुरू हुआ। जल निगम लगभग 76 करोड़ की लागत से योजना तैयार कर चुका है। पिछले दो माह से निगम योजना के ट्रायल में जुटा था।

शुक्रवार से जल निगम ने आंवलाघाट से मोस्टामानू स्थित पांच एमएलडी लीटर क्षमता वाले टैंक को भरना शुरू कर दिया। इस टैंक को भरने में पूरे दो दिन लगेंगे। रविवार से नियमित रूप से आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। अगले छह माह तक निगम ही योजना की देखरेख और आपूर्ति करेगा। जल संस्थान के ईई विशाल कुमार ने बताया कि शुरुआती दौर में ही आंवलाघाट योजना से रोजाना छह एमएलडी पानी मिलेगा।
विज्ञापन


ठुलीगाड़ के प्रदूषण से मिलेगी निजात
आंवलाघाट पेयजल योजना से आपूर्ति के बाद नगरवासियों को ठुलीगाड़ पेयजल योजना के प्रदूषण से निजात मिलेगी। आंवलाघाट से आपूर्ति सुचारु होने के बाद जल संस्थान ठुलीगाड़ से पेयजल नहीं लेगा। शुुुरुआत से ही ठुलीगाड़ योजना के स्रोत में प्रदूषण को लेकर सवाल उठते रहे हैं। रई गधेरे का प्रदूषण सीधे ठुलीगाड़ में जाकर मिलता है। चार फरवरी को जल संस्थान ने सैन्य अस्पताल का सीवर ठुलीगाड़ के अपस्ट्रीम में जाता पकड़ा था। इससे पहले नगर में कई दिनों तक सीवरयुक्त पानी की आपूर्ति हुई। बुधवार को आईटीबीपी का सीवरेज रई गधेरे में जाता पकड़ा गया। ठुलीगाड़ स्रोत के प्रदूषण को देखते हुए क्षेत्रवासी आंवलाघाट से जल्द पानी देने की मांग उठा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें