पिथौरागढ़। जिले में पीएमजीएसवाई की सड़कों पर कछुआ गति से काम चल रहा है। इसके चलते वर्षों से 73 सड़कें अधूरी पड़ी हैं, जबकि योजना में बजट की कोई कमी नहीं है।
जिले के आठ विकास खंडों में 142 आंतरिक सड़कों पर काम चल रहा है। इसके तहत 1212.85 किमी सड़क का निर्माण होना है। अब तक कार्यदायी संस्था 69 किमी सड़क का ही निर्माण करा पाई है। पर्याप्त बजट के बाद भी 525 किमी सड़क ही बन पाई है। अब भी 687 किमी से अधिक सड़क का काम बाकी है। सड़क निर्माण में ढिलाई से सर्वाधिक प्रभावित विकास खंड मुनस्यारी है। यहां 165 किमी से अधिक सड़क निर्माण लंबित है।
इसके अलावा गंगोलीहाट, डीडीहाट, बेड़ीनाग में भी ढिलाई से काम चल रहा है। जनता दरबार के साथ ही विभागीय समीक्षा बैठकों में भी कई बार पीएमजीएसवाई सड़क निर्माण में बेवजह देरी और ढिलाई की शिकायतें मिलती रही हैं। डेढ़ माह पहले ही हुई समीक्षा में मुख्य विकास अधिकारी ने ढिलाई पर नाराजगी जताई थी। इसके बावजूद कार्यदायी संस्था के काम में तेजी नजर नहीं आ रही है। भरपूर बजट के बावजूद सड़कों का निर्माण कछुआ गति से चल रहा है।
विकास खंड अधूरी सड़कें लंबाई (किमी में)
विण 4 22.43
मूनाकोट 5 44.40
गंगोलीहाट 15 114.30
डीडीहाट 10 130.48
बेड़ीनाग 15 136.69
कनालीछीना 6 57.87
धारचूला 6 45.20
मुनस्यारी 12 165.63
पीएमजीएसवाई सड़क निर्माण में विकास खंडों से बिना वजह देरी की शिकायतें मिली हैं। कार्यदायी संस्था को पिछली समीक्षा बैठक के दौरान कामकाज में तेजी लाने को कहा था। लंबित योजनाओं की फिर समीक्षा की जाएगी। कार्य में कोताही बरतने वाले दंडित होंगे। - वंदना सिंह, सीडीओ, पिथौरागढ़