राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज बांस, पिथौरागढ़। संवाद
पिथौरागढ़। जिले के युवाओं को स्थानीय स्तर पर तकनीकी शिक्षा देने के दावे परवान नहीं चढ़ पा रहे हैं। बांस पॉलिटेक्निक कॉलेज इसका प्रमाण है। यहां तकनीकी शिक्षा देने के लिए अनुदेशकों के 10 पद रिक्त हैं। अनुदेशकों की कमी के चलते विद्यार्थी भी यहां प्रवेश नहीं ले रहे हैं।
बांस पॉलिटेक्निक कॉलेज में सिविल और कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग ट्रेड संचालित है। इन दोनों ट्रेड में विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा देने के लिए अनुदेशकों के 16 पद स्वीकृत हैं लेकिन सिर्फ छह अनुदेशक ही तैनात हैं। 10 पद रिक्त पड़े हैं। कॉलेज प्रबंधन ने रिक्त पदों को भरने के लिए तीन अनुदेशक आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्त किए हैं।
इसके बाद भी यहां सात अनुदेशकों की कमी है। इन्हीं अनुदेशकों को सभी विषयों का ज्ञान विद्यार्थियों को देना पड़ रहा है। वर्तमान में सिविल ट्रेड में 90 और कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में 50 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अनुदेशकों की कमी से इन विद्यार्थियों के लिए हर विषय का बेहतर ज्ञान लेना चुनौती बना हुआ है।
43 विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश
पॉलिटेक्निक कॉलेज बांस में सिविल ट्रेड में 32 और सीएससी में 30 सीट स्वीकृत हैं। नए सत्र में सिविल ट्रेड में तो 31 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया लेकिन सीएससी में सिर्फ 12 विद्यार्थी ही प्रवेश लेने पहुंचे। इस ट्रेड में कम प्रवेश होने के पीछे अनुदेशकों की कमी कारण है। आवंटित सीटों के सापेक्ष प्रवेश न होने से यहां छात्र संख्या घट रही है।
कोट
अनुदेशकों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। शासन स्तर से भर्ती प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद ही नियुक्ति संभव है। विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा दी जा रही है। - मदन मोहन टम्टा, प्रधानाचार्य, पॉलिटेक्निक कॉलेज, बांस, पिथौरागढ़