पिथौरागढ़। चारधाम यात्रा में पिथौरागढ़ डिपो की 10 बस भेजी जाएंगी। यदि मांग इससे अधिक हुई तो अन्य बसों को चारधाम के लिए रवाना किया जाएगा। दिल्ली रूट पर संचालित नई बसों को चारधाम भेजने से सड़कों पर इनकी कमी होगी जिससे यहां के यात्रियों को दिक्कत झेलनी पड़ सकती है। डिपो से फिलहाल एक बस को चारधाम भेजा गया है।
चारधाम यात्रा शुरू हो चुकी है। सीमांत जिले से भी रोडवेज बसों को चारधाम यात्रा के लिए भेजने की तैयारी है। डिपो के मुताबिक फिलहाल 10 बसों की डिमांड की गई है। एक बस यात्रा के लिए भेजी जा चुकी है। दिल्ली रूट पर संचालित नई बसें चारधाम भेजी जाएंगी। पिथौरागढ़ डिपो के बेड़े में 86 बसें शामिल हैं। छह महीने पहले डिपो को 28 नई बसें मिली थीं इन्हें दिल्ली रूट पर संचालित किया गया है।
धारचूला, सेराघाट, थल, बेड़ीनाग से नई बसें दिल्ली रूट पर दौड़ने से यात्रियों को खासी राहत मिल रही है। इसी बीच नई बसों की चारधाम यात्रा के लिए मांग की गई है। ऐसे में यदि नई बसें चारधाम यात्रा में गईं तो इनकी तय रूट पर कमी हो जाएगी इसकी सीधी मार यात्रियों को सहनी होगी। यात्रियों को टैक्सी के भरोसे सफर करने के लिए मजबूर होना होगा। बसों के चारधाम यात्रा में भेजने का सिलसिला शुरू हो चुका है। एक बस को डिपो ने चारधाम यात्रा के लिए रवाना कर दिया है।
पुरानी बसें नहीं जा सकतीं दिल्ली
दिल्ली रूट पर सिर्फ बीएस-6 मॉडल की बसें ही संचालित हो सकती हैं। डिपो के पास पुरानी बसें पर्याप्त हैं जो दिल्ली रूट पर संचालित करने के मानक पूरा नहीं करतीं। ऐसे में नई बसों को चारधाम भेजने से दिक्कत हो सकती है। यात्रियों को दिल्ली रूट पर आवाजाही करने के लिए पुरानी खटारा बसों में टनकपुर और हल्द्वानी तक सफर करना होगा।
कोट
चारधाम यात्रा में एक बस भेजी जा चुकी है। मांग के अनुसार नई बसों को चारधाम भेजा जाएगा। मांग अधिक हुई तो कुछ रूटों पर बसों का संचालन रोकना पड़ सकता है। यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। - रवि शेखर कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़ डिपो