फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pithoragarh: नगर में हैं करीब 4500 लावारिस कुत्ते, अकेले निकल रहे लोगों पर कर रहे हैं हमला; अभी तक 10 को काटा

Sat, 20 Jul 2024 01:22 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़

सार

पिथौरागढ़ नगर में लावारिस कुत्तों की दहशत से लोग परेशान हैं। शुक्रवार को नगर में सुबह के वक्त अलग-अलग स्थानों पर लावारिस कुत्तों ने 10 लोगों को काट दिया।
विज्ञापन
पिथौरागढ़ नगर इस तरह घूम रहे हैं लावारिस कुत्ते। संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पिथौरागढ़ नगर में लावारिस कुत्तों की दहशत से लोग परेशान हैं। शुक्रवार को नगर में सुबह के वक्त अलग-अलग स्थानों पर लावारिस कुत्तों ने 10 लोगों को काट दिया। इनमें होम गार्ड, चश्मे की दुकान में काम करने वाला एत कर्मचारी भी शामिल है। सभी ने जिला अस्पताल पहुंचकर टीके लगवाए।

विज्ञापन


नगर के सभी 20 वार्डों में लावारिस कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस समय नगर में लगभग 4,500 लावारिस कुत्ते हैं। नगर पालिका ने इनकी संख्या को नियंत्रित करने के लिए बधियाकरण करना शुरू किया है। बधियाकरण के लिए आई संस्था अलग-अलग स्थानों पर जाकर कुत्तों का बधियाकरण कर रही है। पिछले सप्ताह लावारिस कुत्तों ने लिंठ्यूड़ा में स्कूल जा रही छात्रा को काट दिया था।पालिका के ईओ राजदेव जायसी का कहना है कि नगर में कुत्तों का बधियाकरण किया जा रहा है। अभी तक टीम ने 70 लावारिस कुत्तों को पकड़ लिया है। ऑपरेशन के बाद कुत्तों को तीन दिन रखा जा रहा है।

हर माह बढ़ रहे हैं कुत्तों के काटने के मामले
पिथौरागढ़ नगर में लावारिस कुत्तों के अलावा पालतू कुत्तों के काटने के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। मई में कुत्तों के काटने के बाद 231 लोग जिला अस्पताल में एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंचे थे। जून में 206 और जुलाई में अब तक 80 लोगों को कुत्ते काट चुके हैं। लावारिस कुत्ते अकेले निकल रहे लोगों पर हमला कर रहे हैं। इनके हिंसक होने से वे भयभीत हैं। उन्होंने इनसे निजात दिलाने की मांग की है।
विज्ञापन


प्रशासन नहीं लगा पाया बचा-खुचा मांस खिलाने पर रोक
लावारिस कुत्तों को कुछ लोग मांस की दुकानों से मांस के अवशेष एकत्र कर खिलाते हैं। इसके चलते वे हिंसक हो रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन बचे-खुचे मांस को लावारिस कुत्तों को खिलाने पर रोक नहीं लगा सका है। 


यह कुत्तों का मेटिंग सीजन है। इस समय कुत्ते हिंसक हो जाते हैं। अधिक संख्या होने के चलते भोजन के लिए भी कुत्तों में संघर्ष बढ़ रहा है। भोजन नहीं मिलने पर उनके हिंसक होने की संभावना रहती है। बधियाकरण के बाद कुत्ते शांत हो
जाते हैं।
 - डॉ.पंकज जोशी, डिप्टी सीवीओ, पिथौरागढ़।

जिला अस्पताल में एंटी रैबीज के इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में हैं। शुक्रवार को 10 लोग कुत्तों के काटने के बाद जिला अस्पताल टीके लगाने आए। इसके अलावा पांच अन्य लोग भी दूसरा टीका लगाने आए थे। अस्पताल में रैबीज के टीके पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
विज्ञापन

 - डॉ. जेएस नबियाल, पीएमएस जिला अस्पताल पिथौरागढ़।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें