श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र एवं सामाजिक कार्य विभाग में नशामुक्त भारत अभियान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों एवं शिक्षकों ने एक स्वर में नशे के विरुद्ध लड़ाई की शपथ ली।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि नशे के कारण हर वर्ष लाखों युवा अपने भविष्य, स्वास्थ्य और सपनों को खो देते हैं, इसलिए कैंपस से लेकर गांव-शहर तक नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाना आज की सबसे बड़ी सामाजिक आवश्यकता है। नशे के खिलाफ जागरूकता के लिए युवाओं को आगे आने की जरूरत है।
समाज शास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. जेपी भट्ट ने कहा कि ड्रग्स का अंतरराष्ट्रीय काला बाजार 500 बिलियन डॉलर से अधिक का है और इसका सबसे बड़ा निशाना 15 से 30 वर्ष के युवा हैं। उन्होंने कहा कि भारत में नशे से जुड़े अपराध, मानसिक अवसाद, घरेलू तनाव, आर्थिक क्षति और आत्महत्याओं में तेजी से वृद्धि हो रही है, जो समाज के लिए गहरी चेतावनी है। वरिष्ठ प्रो. महावीर नेगी ने कहा कि नशामुक्त भारत केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय नैतिक आंदोलन है। यदि शिक्षक और विद्यार्थी कंधे से कंधा मिलाकर आगे आएं तो आने वाले दस वर्षों में देश दुनिया के सबसे सुरक्षित और सक्षम युवा संस्कृति वाले राष्ट्रों में शामिल हो सकता है। इस दौरान डाॅ. राकेश नेगी, डाॅ. बीएस जायाड़ा, उमा बहुगुणा, डाॅ. किरण बाला, डाॅ. हनुमंत, डाॅ. ऋतु मिश्रा, छात्र संघ अध्यक्ष महिपाल, उपाध्यक्ष शिवांक, सचिव अनुरोध पुरोहित, जीआर विदिशा आदि मौजूद रहे।