श्रीनगर। गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय ने उद्यमिता और शैक्षणिक अनुसंधान में बौद्धिक संपदा अधिकारों की भूमिका पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की। इसमें 100 से अधिक शोधार्थियों, शिक्षकों, विशेषज्ञों एवं छात्र छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
उत्तराखंड विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) और संस्थान की नवाचार परिषद (आईआईसी) ने संयुक्त रूप से आयोजित की। इसमें मुख्य अतिथि गढ़वाल विवि के कुलपति प्रो. एमएमएस रौथाण ने आईपीआर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के महत्त्व को रेखांकित किया और विकसित भारत के निर्माण में भूमिका पर प्रकाश डाला।
डॉ. धर्मेंद्र त्रिपाठी, एनआईटी उत्तराखंड द्वारा आईपीआर के विभिन्न स्वरूपों पेटेंट, कॉपीराइट, भौगोलिक संकेत (जीआई) ट्रेडमार्क और नवाचारों और रचनाओं की सुरक्षा में उनके महत्त्व पर चर्चा की। आईआईसी के अध्यक्ष डॉ. राम साहू, डॉ. लोकेश जोशी, डॉ. डीपी उनियाल, संयुक्त निदेशक यूकॉस्ट डॉ. आशीष बहुगुणा ने संबोधित किया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में शोधार्थी मेघा रावत एवं सुहानी श्रेय विजेता रहीं। सोहम, सोनाली, अमीषा और इंजमामुल हक़ तीसरे स्थान पर रहे। संवाद