सत्य प्रसाद मैठाणी
श्रीनगर। श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही श्रीनगर के बाजारों में सावन की रौनक देखने को मिली। गोला बाजार, गणेश बाजार और वीरचंद्र सिंह गढ़वाली मार्ग में हरी चूड़ियों और मेहंदी की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ रही। हरी कांच की चूड़ियों और मेहंदी की खुशबू ने बाजारों को सावन के रंग में रंग दिया। मान्यता के अनुसार सावन में सुहागिनें हरी चूड़ियां पहनकर और हाथों में मेहंदी लगाकर भगवान शिव और माता पार्वती से पति की लंबी उम्र, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं। इसी परंपरा के चलते हर वर्ष सावन में चूड़ी और मेहंदी की मांग बढ़ जाती है। चार माह पहले विवाह बंधन में बंधीं अन्नू ने बताया कि शादी के बाद पहला सावन उनके लिए बेहद खास है। वहीं मोनिका ने कहा कि वह हर वर्ष सावन में मेहंदी लगाना और हरी चूड़ियां पहनना नहीं भूलतीं। मेहंदी विक्रेता वरुण ने बताया कि सावन शुरू होने से पहले ही महिलाओं ने बुकिंग शुरू कर दी थी और प्राकृतिक हाथ से तैयार मेहंदी की मांग अधिक है। चूड़ी विक्रेता बिट्टू ने बताया कि इस बार हरी चूड़ियों का विशेष स्टॉक मंगाया गया है। आधुनिक डिजाइनों के बावजूद सादी हरी कांच की चूड़ियां, खासकर नवविवाहिताओं की पहली पसंद बनी हुई हैं।