पाबौ। बीते बुधवार को आई आपदा का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। जगह-जगह मार्ग बाधित होने से ग्रामीणों का आवागमन ठप हो गया है। खासकर कुई–बरसुड़ी मार्ग के बह जाने के कारण क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मार्ग के टूटने से न तो पैदल आवाजाही संभव थी और न ही किसी प्रकार के वाहनो का आवागमन। सरकारी विभागों की ओर से तत्काल मदद न पहुंच पाने की स्थिति में ग्रामीणों ने स्वयं आगे आकर श्रमदान की मिसाल पेश की।
आपसी सहयोग और मेहनत के बल पर ग्रामीणों ने मार्ग को पैदल एवं दोपहिया वाहनों के लिए सुचारु कर दिया। जिससे कुई, सैंजी, बससूडी, ढुमका सहित पांच गांवों की आवाजाही फिर से शुरू हो सकी। ग्रामीण प्रेम सिंह रावत, नीरज सिंह, साहिल भंडारी, दिगंबर सिंह, विनपीं भंडारी और गोपाल दीपक भंडारी का कहना है कि आपदा के समय सरकारी इंतजार करने से बेहतर है कि हम खुद एकजुट होकर समस्या का समाधान करें। इस श्रमदान से न केवल मार्ग खुला, बल्कि गांवों के बीच आपसी भाईचारा और सहयोग की भावना भी मजबूत हुई। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन शीघ्र सड़क की मरम्मत कर स्थायी समाधान उपलब्ध कराएगा, ताकि भविष्य में ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
- शनिवार को जेसीबी के माध्यम से मार्ग को खोल दिया गया है और अन्य बंद पड़ी सड़कों को भी खोलने का लगातार काम किया जा रहा है।
केएस नेगी, अधिशासी अभियंता, लोनिवि पाबौ