पौड़ी। कल्जीखाल ब्लॉक के पूर्वी और पश्चिमी मनियारस्यूं पट्टी के करीब 68 गांवों की पानी की समस्या के निस्तारण के लिए प्रस्तावित चिनवाड़ी डांडा पंपिग योजना अब शासन स्तर पर अटक गई है। इस योजना को शासन की तकनीकी अप्रैजल समिति से स्वीकृति मिले तीन महीने बीत गए हैं। लेकिन अभी शासन से इसकी स्वीकृति का शासनादेश जारी नहीं हो पाया है।
कल्जीखाल ब्लाक के पूर्वी और पश्चिमी मनियारस्यूं पट्टी के नैथाड़ा, बनेख, ढाढूखाल, गड़कोट, पाली, दिऊसी, सुरालगांव समेत कई गांव पिछले ढाई दशक से पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। गर्मी शुरू होते ही इन गांवों में जल संकट गहराना शुरू हो जाता है। क्षेत्र की पेयजल समस्या के समाधान के लिए चिनवाड़ीडांडा पंपिग योजना स्वीकृत करने की मांग को लेकर क्षेत्रवासी 1998 से आंदोलन कर रहे हैं। इसके अंतर्गत क्षेत्रवासी वर्ष 2011 में घंडियाल बाजार में धरना प्रदर्शन के साथ-साथ क्रमिक अनशन भी कर चुके हैं।
पिछले साल पेयजल जल निगम पौड़ी की प्रकल्प शाखा की ओर से दुबारा इस योजना का तीन करोड़ का प्रांक्लन तैयार कर शासन की तकनीकी अप्रैजल समिति को भेजा गया था। क्षेत्रवासियों की समस्या और जन आंदोलन को देखते हुए शासन की तकनीकी अप्रैजल समिति ने अगस्त माह में इसके निर्माण के लिए 25.71 करोड़ की राशि की स्वीकृति देते हुए इसे शासन स्तर पर भेज दिया। लेकिन तकनीकी अप्रैजल समिति स्वीकृत हुए तीन महीने बीतने के बाद भी शासन स्तर से इसकी स्वीकृति के लिए शासनादेश नहीं हो पाया है।
क्षेत्रवासियों में फिर उभर रहा है आक्रोश
पौड़ी। चिनवाड़ी डांडा पंपिंग योजना की स्वीकृति के लिए शासनादेश जारी करने में शासन स्तर से हो रही देरी से अब क्षेत्रवासियों में शासन के खिलाफ असंतोष उभर रहा है। मनियारस्यूं विकास समिति के अध्यक्ष दिनेश रावत, क्षेत्रवासी जगमोहन सिंह डांगी समेत कई लोगों का कहना है कि शासन की ओर से जल्दी ही इसकी स्वीकृति का शासनादेश जारी नहीं किया गया तो जनवरी माह में शासन के खिलाफ फिर जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
कोट
चिनवाड़ी डांडा पंपिंग योजना के निर्माण के लिए तकनीकी अप्रैजल समिति 25.71 करोड़ की स्वीकृति मिल चुकी है। अब शासन स्तर से इस पर शासनादेश जारी होना बाकी है। शासनादेश जारी होते ही इसकी निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
- एचपी पेटवाल अधिशासी अभियंता जल निगम प्रकल्प शाखा पौड़ी