पाबौ। माता-पिता के साए के बिना किताबों को अपनी दुनिया बनाए बैठे विकासखंड पाबौ के दूरस्थ गांव उल्ली के विपिन सिंह ने राज्य कर अधिकारी के पद पर नंबर -एक रैंक प्राप्त की है। विपिन बतातें हैं कि बचपन में ही माता-पिता का साया सिर से उठ गया था। मौसी पुष्पा देवी ने ही अपने बच्चों से भी अधिक प्यार देकर पाला। खेतीबाड़ी कर मौसी ने गांव में ही अच्छी शिक्षा दिलाई। गांव के सरकारी विद्यालयों से ही हाईस्कूल और फिर इंटरमीडिएट प्रथम श्रेणी पर पास की जबकि बीएससी पीसीएम बीजीआर परिसर पौड़ी से उर्त्तीण की। दोस्त व भाई अतुल रौथांण, योगेंद्र व विपिन ने बुरे समय में हाथ थामे रखा और वित्तीय सहायता भी मुहैया कराई। विपिन बताते हैं कि बेहद आर्थिक तंगी में पठन पाठन किया, कोचिंग तो सपना ही रही लेकिन किताबें और सही दोस्तों के मार्गदर्शन में दिन रात एक कर पीसीएस में राज्य कर अधिकारी की रैंक - एक प्राप्त कर ली। मनमांगी मुराद पुरी हुई तो चमोली स्थित गोपीनाथ मंदिर में आशीर्वाद लेने पहुंच गया। संवाद
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एमटेक गोल्ड मेडलिस्ट योगेश बने असिस्टेंट कमिश्नर
पौड़ी। मुख्यालय के पेट्रोल पंप मोहल्ला निवासी योगेश बड़थ्वाल ने उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। उन्होंने राज्य कर विभाग में सहायक आयुक्त (जीएसटी) के पद पर चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है। एक ओर जहां पहाड़ों से युवा रोजगार, कोचिंग और उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों का रुख कर रहे हैं, वहीं योगेश ने घर पर ही स्वध्याय और कड़ी मेहनत के बल पर यह सफलता हासिल की है। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। योगेश के पिता नीति प्रकाश बड़थ्वाल ने बताया कि योगेश बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर व समर्पित रहा है। उन्होंने 2004 में शहर के सेंट थॉमस कॉन्वेंट स्कूल से हाईस्कूल और 2006 में सेंट थेरेसस स्कूल श्रीनगर से इंटरमीडिएट परीक्षा में टॉपर रहे। योगेश ने जीबी पंत कृषि व प्रौद्योगिक विवि पंतनगर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। जीबीपंत अभियांत्रिकी व प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी से एमटेक में गोल्ड मेडलिस्ट रहे। संवाद