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विवि ने देरी से दी सूचना, सीआईसी ने भेजा नोटिस

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केंद्रीय सूचना आयुक्त (सीआईसी) ने गढ़वाल विश्वविद्यालय में सूचना के अधिकार कानून को गंभीरता से न लेने और समय पर परीक्षा परिणाम जारी न करने पर नाराजगी जताई। सीआईसी ने गढ़वाल विवि के लोक सूचना अधिकारी (पीआईओ) को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए आरटीआई एक्ट के अनुसार कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
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गढ़वाल विवि से जवाब न मिलने पर बीएसएम कालेज रुड़की के छात्र अंकित रावल ने सीआईसी में शिकायत सुनने की गुहार लगाई थी। एलएलबी के छात्र अंकित का कहना था कि 22 मई 2018 को एलएलबी अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा समाप्त हुई थी। परीक्षा परिणाम नवंबर 2018 में जारी हो जाना चाहिए था, लेकिन विवि ने उसका परीक्षा परिणाम जुलाई 2020 में जारी किया। विवि की लापरवाही के कारण वह वर्ष 2018 में उत्तराखंड पीसीएस (जे) परीक्षा के लिए आवेदन नहीं कर पाया। 3 मई 2019 को उसने परीक्षा परिणाम देरी से जारी किए जाने के संबंध में आरटीआई तहत गढ़वाल विवि से सूचना मांगी। पीआईओ की ओर से सूचना न दिए जाने पर उसने अपील अधिकारी से सूचना मांगी, लेकिन जब वहां से भी सूचना नहीं मिली, तो सीआईसी से शिकायत की। सीआईसी ने 25 मई को अंकित की शिकायत पर सुनवाई करते हुए आरटीआई एक्ट को गंभीरता से नहीं लेने पर नाराजगी जताई। सीआईसी ने विवि के पीआईओ को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा है। सीआईसी ने पूर्व में दिए गए आदेश का अनुपालन न होने पर भी नाराजगी जताई। अपने फैसले में उन्होंने कहा कि गढ़वाल विवि आरटीआई के नियमों का सख्ती से पालन नहीं हो रहा है। सीआईसी ने विवि प्रशासन को आरटीआई ऑडिट कराने को भी कहा है। कहा कि परीक्षा परिणाम से देरी की वजह से छात्रों के करियर पर असर पड़ता है। इसलिए विवि की कुलपति को आदेश की एक कॉपी भेजते हुए कहा कि उक्त मामलों को देखते हुए आरटीआई प्रकोष्ठ को सुधारने के लिए कहा है।
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--- अभी आदेश की कॉपी नहीं मिली है। कॉपी मिलने पर जवाब दे दिया जाएगा। -प्रो. अरुण रावत, परीक्षा नियंत्रक गढ़वाल विवि श्रीनगर
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