फोटो-
देवप्रयाग। देवप्रयाग संगम पर सांस्कृतिक समागम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृत विवि और पतंजलि गुरुकुलम के छात्र-छात्राओं ने मिलकर अलकनंदा और भागीरथी के संगम तट पर 108 बार सामूहिक विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ किया। इससे पूर्व मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री रही साध्वी उमा भारती और पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण ने मां गंगा की भव्य आरती की। साथ ही विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करके इस अनुष्ठान का हिस्सा बने। पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि देवभूमि देवताओं की दिव्यता है। संतों और साधुओं की तपस्या है। इसीलिए हम उत्तराखंड को देवभूमि के रूप में जानते हैं। आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक का गौरव यहीं से मिल सकता है। इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के निदेशक प्रो पीवीबी सुब्रह्मण्यम आदि मौजूद रहे। संवाद