सरकार बनते ही अब अधिकारियों को तबादले का खौफ सताने लगा है। खासकर उन अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है जोकि पिछले तीन सालों से जिला हेड क्वार्टर में डेरा जमाए बैठे हैं या फिर कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री व मंत्रियों के करीबी रहे हैं। तबादले से बचने के लिए कई अधिकारियों ने तो भाजपा के नए बनाए गए मंत्रियों या फिर उनके रिश्तेदारों के करीब जाना भी शुरू कर दिया है।
इसके अलावा जिले में कई अधिकारी ऐसे हैं, जोकि जिला हेडक्वार्टर में कम और अपने कैंप आफिस देहरादून में अधिक बैठते हैं। ऐसे में जनता को उच्चाधिकारियों को मिलने के लिए कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। मंत्रालय बंटने के तुरंत बाद तबादलों का डंडा आना स्वाभाविक माना जा रहा है। इनमें से कुछ अधिकारी ऐसे हैं जोकि उत्तर प्रदेश कैडर के हैं, लेकिन लंबे समय से नौकरी उत्तराखंड के जिलों में कर रहे हैं।
ऐसे अधिकारियों का जाना भी तय माना जा रहा है और इन अधिकारियों ने भी उत्तर प्रदेश सरकार में अपने जुगाड़ भिड़ाने शुरू कर दिए हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी तो यह भी कहने से पीछे नहीं हटे कि उन्होंने अपना बोरी बिस्तर तैयार किया हुआ है, जब सरकार का आदेश होगा, तब वह चले जाएंगे।