राजकीय मेडिकल कॉलेज के बेस अस्पताल के पूर्ण रूप से कोविड अस्पताल बननेे के बाद उप जिल अस्पताल को मानव संसाधन के रूप में थोड़ी मदद मिली है, लेकिन इससे कुछ खास फायदा नहीं हो पा रहा है। अस्पताल में सर्जरी, मेडिसिन और महिला एवं प्रसूति रोग विभाग के ऊपर बहुत दबाव है। सर्जन कोरोना संक्रमित हैं। जबकि महिला रोग विशेषज्ञ डिलीवरी और ओपीडी केस का दबाव झेल रही हैं। वहीं, 3 इमरजेेंसी मेडिकल अफसर के भी कोरोना संक्रमित होने से इमरजेंसी पर भी दबाव आ गया है।
उप जिला अस्पताल के महिला रोग एवं प्रसूति विभाग में सामान्य दिनों में 4 से 5 डिलीवरी केस आते हैं। इन दिनों यहां डिलीवरी केस 20 तक पहुंच रहे हैं, जिनमें 6-7 सीजेरियन डिलीवरी होती है। इस स्थिति में महिला रोग विशेषज्ञ डा. सोनाली साही को ओपीडी, डिलीवरी और वार्ड में भर्ती महिलाओं के रुटीन चेकअप में दिक्कत होती है।
अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के अनुरोध पर मेडिकल कॉलेज ने 2 जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर व 4 इंटर्न डॉक्टर और 2 नर्सिंग अफसर भेजे हैं, लेकिन इनसे कुछ खास मदद नहीं हो पा रही है।
-मेडिकल कॉलेज से भेजे गए जूनियर एवं प्रशिक्षु डॉक्टरों की ड्यूटी रोटेशन में लगाई जा रही है। यदि विशेषज्ञ डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ व अन्य कर्मचारी मिल जाए, तो दबाव कम होगा। डा. गोविंद पुजारी, सीएमएस, उप जिला अस्पताल श्रीनगर