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Pauri News: बेस अस्पताल में बढ़ने लगी पीलिया के मरीजों की संख्या, बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर

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श्रीनगर। बेस अस्पताल श्रीकोट के बाल रोग विभाग में इन दिनों पीलिया के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। खासतौर पर बच्चों में इस बीमारी का असर अधिक बढ़ गया है। बीते कुछ हफ्तों में हर दिन 2 से 3 बच्चे पीलिया के लक्षणों के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। साथ ही बड़ी उम्र के लोगों में भी पीलिया के लक्षण नजर आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह स्थिति सामान्य नहीं है, इसके बढ़ते मामलों को गंभीरता से लिया जाना जरूरी है। मामले में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि इस बीमारी के प्रभाव को समय रहते रोका जा सके।
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पीलिया के लक्षण
पीलिया एक गंभीर बीमारी है, जो शरीर में बिलीरुबिन के स्तर के बढ़ने के कारण होती है। इसके प्रमुख लक्षणों में आंखों और त्वचा का पीला पड़ना, तेज बुखार और थकान, भूख का कम लगना और गहरे रंग का पेशाब शामिल हैं। अगर इनमें से कोई भी लक्षण दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। यदि समय पर इलाज न किया जाए, तो यह बीमारी और भी गंभीर रूप धारण कर सकती है।

बच्चों का रखें विशेष ध्यान
बेस चिकित्सालय की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकिता गिरी ने बच्चों के अभिभावकों को सलाह दी है कि वे इस मौसम में अपने बच्चों का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि बच्चों को घर में बना ताजा जूस दें और बाहरी या बाजार का खाना उनसे दूर रखें। बच्चों को साफ और उबला हुआ पानी ही पिलाएं और यह सुनिश्चित करें कि फल अच्छे से धोकर ही बच्चों को दिए जाएं। डॉ. गिरी ने यह भी कहा कि साफ-सफाई और सतर्कता इस बीमारी से बचाव के लिए महत्वपूर्ण है। उबला हुआ पानी, ताजे खाद्य पदार्थ और समय पर बच्चों की जांच से पीलिया जैसे गंभीर खतरे से बचा जा सकता है। यदि किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सा विशेषज्ञ से संपर्क करें और इलाज में देरी न करें। समय पर इलाज और सतर्कता से बच्चों को इस बीमारी से बचाया जा सकता है।
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