संवाद न्यूज एजेंसी,
देवप्रयाग। तीर्थनगरी देवप्रयाग में नववर्ष का स्वागत बड़े ही आध्यात्मिक और भव्य तरीके से किया गया। नववर्ष की पहली बेला पर तीर्थवासियों और बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने पौष माह के उपलक्ष्य में आयोजित भगवान रघुनाथ की महापूजा में भाग लेकर सुख-समृद्धि और आरोग्य का आशीर्वाद मांगा। कड़ाके की ठंड और कोहरे की चादर के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और तड़के से ही श्री रघुनाथ मंदिर के प्रांगण में भक्तों की कतारें लगी रही। भारी भीड़ के कारण मंदिर का गर्भगृह छोटा पड़ गया जिसके चलते कईं श्रद्धालुओं ने खुले प्रांगण में ही बैठकर भक्तिभाव के साथ महापूजा का आनंद लिया।
बदरीनाथ धाम के तीर्थपुरोहित समाज ने सदियों से चली आ रही इस परंपरा के निर्वहन में विशेष प्रार्थनाएं की गईं। पुरोहितों ने विश्व शांति और देश-प्रदेश की खुशहाली के लिए भगवान की स्तुतियों का गायन किया। इस अवसर पर पूरा वातावरण ''जय राम जी की जय जय मंगल आरती'' और ''कौशल्या प्यारे राम को, नित गोद खिलावे'' जैसे लयबद्ध भजनों से गूंज उठा। महापूजा के दौरान भगवान राम की बाल लीलाओं और उनकी महिमा का ऐसा भावमय वर्णन हुआ कि श्रद्धालु भक्ति में सराबोर नजर आए। मंदिर के पुजारी पंडित कमल चौबे ने भगवान रघुनाथ जी का हरे वस्त्रों से विशेष श्रृंगार किया जो आकर्षण का केंद्र रहा। पूजा के समापन पर चरणामृत और खिचड़ी प्रसाद का वितरण किया गया।
पूजा-अर्चना के साथ श्रीनगर में नए साल की शुरूआत, मंदिरों में लगी कतार
श्रीनगर। नए साल 2026 का आगाज श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों में हर्षोल्लास और गहरी आस्था के साथ हुआ। कड़ाके की ठंड के बावजूद साल के पहले दिन लोगों ने देव दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ अपने दिन की शुरुआत की। बृहस्पतिवार सुबह से ही प्रसिद्ध सिद्धपीठ धारी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। दूर-दराज से आए भक्तों ने माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं शहर के प्रमुख शिवालयों में भी ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंजते रहे। शहर के पौराणिक कमलेश्वर महादेव मंदिर, नागेश्वर महादेव और कटकेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही जलाभिषेक के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई भगवान के दर्शन कर नए साल को मंगलमय बनाने की प्रार्थना करते नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना था कि साल की शुरुआत भगवान के आशीर्वाद से हो तो पूरा वर्ष सकारात्मकता और खुशियों से भरा रहता है।