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Pauri News: बैसाखी पर 12 साल बाद मोरी मेला यात्रा देवप्रयाग संगम पहुंची

Tue, 14 Apr 2026 07:41 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
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- तमलाग से निकली बिखोत स्नान यात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
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- पांडवों ने संगम स्नान कर रघुनाथ मंदिर में किए दर्शन
देवप्रयाग। गगवाडस्यूं घाटी के तमलाग गांव से शुरू हुई 12 वर्षों बाद आयोजित ऐतिहासिक मोरी मेले की बिखोत स्नान यात्रा बैसाखी पर्व पर संगम पहुंची। यहां अलकनंदा और भागीरथी के संगम पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
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सोमवार को तमलाग गांव में भव्य मंडाण के बाद पांडवों की अगुवाई में यात्रा कुंजेठा, हस्युड़ी, पोखरी, गढ़खेत, पंवाई और श्रीखाल होते हुए सबदरखाल कुंडी पहुंची ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। यात्रा मोरी मेला समिति के अध्यक्ष सुबोध नैथानी और सचिव अनूप सजवाण की देखरेख में संपन्न हुई। देवप्रयाग पहुंचकर पांडवों ने संगम स्नान के बाद रघुनाथ मंदिर में दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। श्रद्धालु काली कमली धर्मशाला में ठहरे जहां रातभर ढोल-दमाऊं की थाप पर पांडव मंडाण का आयोजन हुआ। समिति के मीडिया प्रभारी प्रदीप रावत ने बताया कि 12 वर्ष बाद आयोजित यह परंपरा क्षेत्र की आस्था का प्रतीक है। मंगलवार को सभी धार्मिक अनुष्ठानों के बाद यात्रा तमलाग गांव लौट गई।वहीं बैसाखी पर संगम स्थल और रामकुंड में सुबह से भारी भीड़ रही। दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, यूपी और पौड़ी के सलाण क्षेत्र से पहुंचे श्रद्धालुओं ने डौंर-थाली के साथ जल छाया और डोली पूजा कर स्नान के बाद मंदिर में दर्शन किए। पुजारी संतोष भट्ट के अनुसार, देवप्रयाग में जल छाया पूजन से सभी बाधाएं दूर होती हैं।
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