श्रीनगर। गढ़वाल केंद्रीय विवि के बिड़ला परिसर में किताब कौथिग को रद्द किए जाने पर छात्र संगठन एआईडीएसओ के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि विवि में पुस्तक मेले को को रद्द करना दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि छात्र लंबे समय से इस पुस्तक मेले के होने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन विवि प्रशासन ने कुछ छात्र-नेताओं के दबाव में आकर पुस्तक मेला रद्द कर दिया। इससे छात्रों को बड़ी ठेस पहुंची है। कहा कि पुस्तक मेला विवि में ही लगाया जाना चाहिए। शोधार्थी रेशमा पंवार ने कहा कि इस तरह से किताबों का विरोध करने का मतलब तर्क-वितर्क की क्षमता को खत्म करने की कोशिश करना है। इस विरोध प्रदर्शन में मोनिका, विवेक, विपिन, महावीर, प्रिया कुमारी, निशा, अंशिका, अमित, मुकेश सेमवाल आदि मौजूद रहे।
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आइसा व उक्रांद ने भी की किताब कौथिग को रदद करने की निंदा
श्रीनगर। आइसा छात्र संगठन ने गढ़वाल विवि में 15 व 16 फरवरी को किताब कौथिग की अनुमति प्रदान करने व बाद में आयोजन को लेकर विवि की ओर से असमर्थता व्यक्त किए जाने के मामले की कड़ी निंदा की है। बिड़ला परिसर छात्र संघ की छात्रा प्रतिनिधि प्रियंका खत्री, पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष रोबिन असवाल, कार्यकारिणी सदस्य शिवांक नौटियाल ने कहा कि किसी के दबाव में इसकी अनुमति न मिलना चिंता का विषय होना चाहिए। वहीं दूसरी ओर उक्रांद कार्यकर्ताओं ने भी इसके विरोध में बृहस्पतिवार को रामलीला मैदान श्रीनगर में धरना दिया था। कहा पूर्व में यह पुस्तक मेला विवि में प्रस्तावित था, जो बाद में रामलीला मैदान में होना था। मौके पर उक्रांद कार्यकर्ता सरस्वती नेगी, अर्जुन नेगी, राजेंद्र बिष्ट, आशुतोष नेगी ने कहा कि प्रशासन व भाजपा विचारधार के संगठनों ने रामलीला मैदान में किताब कौथिग का आयोजन नहीं होने दिया।
परीक्षाओं के चलते कौथिग की आड़ में होने वाले अन्य कार्यक्रमों पर जताई थी आपत्ति: छात्र संघ
श्रीनगर। गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर में 15-16 फरवरी को होने वाले किताब कौथिग के रद्द होने के मामले में लग रहे आरोपों को देखते हुए छात्र संघ ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। छात्र संघ अध्यक्ष जसवंत सिंह राणा, उपाध्यक्ष अमन काला, विवि प्रतिनिधि आशीष पंत, पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष रूपेश नेगी ने कहा कि विवि में वर्तमान में परीक्षाएं चल रही हैं। जिसके चलते किताब कौथिग की आड़ में होने वाले सांस्कृतिक व अन्य कार्यक्रमों को लेकर छात्र संघ ने अपनी आपत्ति डीएसडब्लू के समक्ष जताई थी। इससे छात्रों की परीक्षा में भी व्यवधान होने की संभावनाएं थी, जबकि पुस्तक मेले को लेकर उनका कोई विरोध नहीं था। उन्होंने कहा कि पुस्तक मेले की आड़ में लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी को आगे लाया जा रहा है, जबकि नेगी उनके लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनको लेकर छात्र संघ के किसी भी पदाधिकारी का विरोध नहीं है।