पाबौ/थलीसैंण। पौड़ी, पाबौ व थलीसैंण में बृहस्पतिवार को बारिश से राहत तो मिली लेकिन अब नुकसान देखकर लोगों के दिल पसीज गया।पाबौ व थलीसैंण में आपदा से कई आवास क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं करीब 53 साल पहले बना कलगड़ी का पुल बारिश से ढह जाने से कई गांवों का मुख्यालय पौड़ी से संपर्क कट गया है।पाबौ स्थित कलगड़ी पुल बहने से एनएच 121 पर पाबाै और रामनगर क्षेत्र कट गए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक बुधवार सुबह साढ़े सात बजे कलगड़ी गांव के ऊपरी हिस्से में कहीं बादल फटा। देखते ही देखते नयार नदी का पानी बढ़ने लगा। ग्रामीणों के समय पर सचेत रहने के चलते जनहानि व पशुक्षति नहीं हुई। बताया कि जैसे ही नदी का पानी बढ़ने लगा, उन्होंने गोशालाओं से मवेशी बाहर निकालने शुरू कर दिए। एनएच 121 पर बना कलगड़ी का पुल पौड़ी, पाबौ को रामनगर से जोड़ता है। वर्ष 1972 में बना लोहे का यह पुल पानी के तेज बहाव के दौरान कटाव के चलते ढह गया। गांव के कई घर आपदा की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए, हालांकि घरों को नुकसान हुआ है। बुजुर्ग रघुनाथ व पंचम सिंह ने बताया कि आपदा से कई घरों के साथ ही अंधेरे में गुजारनी पड़ी रात कलगड़ी वासियों को बुधवार पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में बीते 24 घंटों से बिजली के साथ ही पानी की आपूर्ति भी ठप पड़ी हुई है। ऊपर से उन्हें फिर से आपदा का डर सता रहा है। बताया कि अब प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। संवाद