गुलदार और बाघ के बढ़ते हमलों को देखते हुए जिला प्रशासन ने शानदार पहल की है। बच्चों और अभिभावकों के मन में जंगली जानवरों की दहशत को कम करने के लिए बच्चों को विद्यालयों में गुलदार और बाघ के हमले से कैसे बचें का पाठ पढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा स्कूलों में जल्द ही साइबर अपराध, नशे से बचाव व पॉक्सो कानून का पाठ भी पढ़ाया जाएगा।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शिक्षा को सुरक्षा का माध्यम बनाते हुए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) व शिक्षा विभाग के सहयोग से स्कूली बच्चों के लिए गुलदार एवं तेंदुए से बचाव पर आधारित एक अनूठा पाठ्यक्रम तैयार करवाया है। इस पुस्तक में व्यवहारिक उपाय, सतर्कता के तरीके और वन्यजीवों से बचाव की जानकारी दी गई है। अब यह पाठ्यक्रम जनपद के विद्यालयों में पढ़ाया जा रहा है, जिससे बच्चों में न केवल आत्मविश्वास बढ़ा है बल्कि अभिभावकों को भी मानसिक राहत मिली है।
इसके अलावा नशे से बचाव, पॉक्सो एक्ट की जानकारी और साइबर अपराधों से सुरक्षा जैसे विषयों पर आधारित पाठ्य सामग्री भी अंतिम चरण में है और जल्द ही स्कूलों में पढ़ाई जाएगी।इन पुस्तकों में नशे से होने वाले नुकसान, कानूनी प्रावधान, साइबर ठगी से बचने के उपाय, डिजिटल गोपनीयता और सुरक्षा के व्यावहारिक अध्याय शामिल हैं।
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डायट प्राचार्य स्वराज सिंह तोमर ने बताया कि जिलाधिकारी की पहल पर बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता को केंद्र में रखकर गुलदार एवं तेंदुए से बचाव पर आधारित पाठ्यक्रम तैयार किया है। इस पाठ्यक्रम में व्यवहारिक जानकारी दी गई है ताकि बच्चे जंगल या जोखिम भरे क्षेत्रों में सतर्क रह सकें।