तीन दुकानों से मिठाइयों के नमूने लेकर जांच को भेजे, अनियमितताओं पर नोटिस और कार्रवाई के निर्देश
कोटद्वार। त्योहारी सीजन के मद्देनजर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और दुकानों में नियमों के अनुपालन की जांच के लिए प्रशासन की टीम ने मिठाई की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान घटतौली, कांटों का समय पर नवीनीकरण नहीं कराने और श्रमिकों से 12-12 घंटे काम कराने की शिकायतें सामने आईं।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देश पर एसडीएम संदीप कुमार के नेतृत्व में टीम ने बदरीनाथ मार्ग स्थित बीकानेर मिष्ठान भंडार, रोडवेज बस स्टैंड के निकट टूरिस्ट स्वीट्स शॉप और तीलू रौतेली चौक के पास हॉट एंड कोल्ड का निरीक्षण किया। बीकानेर मिष्ठान भंडार में घटतौली की शिकायत पर बाट-माप निरीक्षक को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं, हॉट एंड कोल्ड में कांटे का समय पर नवीनीकरण नहीं कराने पर नोटिस जारी करने को कहा गया। श्रमिकों से पूछताछ में निर्धारित मानकों के विपरीत कार्य अवधि और वेतन दिए जाने की शिकायतें भी मिलीं। इस पर श्रम विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
टीम ने तीनों दुकानों से बर्फी, लड्डू सहित विभिन्न मिठाइयों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे। खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण दल में अभिहित अधिकारी पीसी जोशी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप मिश्रा और बाट-माप निरीक्षक उमेश नेगी शामिल रहे।
मिठाई में कीड़ा मिलने की शिकायत, खाद्य सुरक्षा विभाग ने लिए सैंपल
पौड़ी। शहर की एक प्रतिष्ठित मिठाई की दुकान से खरीदी गई मिठाई में कीड़ा मिलने की शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता के अनुसार करवा चौथ पर खरीदी गई मिक्स मिठाई की नारियल बर्फी में करीब एक इंच लंबा कीड़ा दिखाई दिया। शिकायत के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दुकान का निरीक्षण कर मिठाइयों के सैंपल लिए हैं।
शिकायतकर्ता जसपाल नेगी ने बताया कि उन्होंने बीते बृहस्पतिवार को करवा चौथ के लिए शहर की एक प्रसिद्ध दुकान से आधा किलो मिक्स मिठाई खरीदी थी। घर पहुंचकर मिठाई खोलने पर नारियल बर्फी में कीड़ा दिखाई देने का दावा किया। उन्होंने इसकी शिकायत दुकानदार से की, लेकिन दुकानदार ने आरोप को खारिज कर दिया। इसके बाद नेगी ने खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत पर विभागीय टीम ने दुकान का निरीक्षण किया और मिठाइयों के सैंपल लिए। सहायक खाद्य सुरक्षा अधिकारी रचना लाल ने बताया कि सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता में कमी की पुष्टि और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। संवाद