लीनियस विश्वविद्यालय स्वीडन के छात्र-छात्राओं के दल ने शाश्वत शिक्षा निकेतन बगवान का भ्रमण किया। इस मौके पर विदेशी छात्र-छात्राओं को भारतीय परंपरा और संस्कृति से परिचित कराया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शाश्वत धाम लक्ष्मोली के संस्थापक स्वामी अद्वैतानंद महाराज ने कहा कि एकात्म मानववाद प्राचीनकाल से भारतीय संस्कृति की विशेषता रहा है। प्रत्येक का स्वधर्म उतना ही पवित्र है, जितना दूसरे का। समाज शास्त्र एवं समाज कार्य विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. जेपी पचौरी ने कहा कि समाजदर्शन के क्षेत्र में मानववाद ने वैदिक काल से समकालीन युग तक समाज की प्रगति का सर्वोत्तम लक्ष्य माना है।
पर्वतीय विकास शोध केंद्र के नोडल अधिकारी डा. अरविंद दरमोड़ा ने शाश्वत शिक्षा निकेतन द्वारा ई- लर्निंग के माध्यम से प्राथमिक विद्यालय में चलाए जा रहे पाठ्यक्रम की जानकारी दी। धाम में छात्र-छात्राअें को योग और प्राणायाम का भी प्रशिक्षण दिया गया।