श्रीनगर। राज्य आंदोलनकारी महिला ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर पेंशन बहाली की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तीन दिनों के भीतर उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें अन्य कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। राज्य आंदोलनकारी शकुंतला देवी ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में बताया कि जुलाई 2018 तक उन्हें उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी की सम्मान राशि प्राप्त होती थी। उनके पति सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के कारण उन्हें भी पेंशन मिलती थी। पति की मृत्यु के बाद जैसे ही उन्हें पति की पारिवारिक पेंशन मिलने लगी। उनकी राज्य आंदोलनकारी की पेंशन को बंद कर दिया गया। शकुंतला देवी ने बताया कि पेंशन बहाली के लिए वह शासन प्रशासन से गुहार लगाकर थक चुकी है। उन्होंने तीन दिसंबर तक इस मामले में उचित कार्रवाई न होने पर आत्मघाती जैसे निर्णय लेने की चेतावनी दी है।