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अनदेखी : खनन से नदी में बने गड्ढे दे रहे हैं हादसों को निमंत्रण

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श्रीनगर। अलकनंदा नदी में जगह-जगह खनन के लिए मशीनों से खोदे जा रहे गड्ढे मुसीबत का कारण बन रहे हैं। इन गड्ढों में पानी भर जाने से यह तालाब का रूप ले रहे हैं, जिनसे हादसों को निमंत्रण मिल रहा है। बुधवार को अलकनंदा नदी किनारे बने इसी तरह के तलाब रूपी गड्ढों में दो छात्रों की डूबकर मौत हो गई। नगर क्षेत्र में अलकनंदा में कई स्थानों पर खनन कार्य जारी है। खनन मानकों का पालन न होने से धड़ल्ले से खनन सामग्री निकाली जा रही है। अभी दो दिन पूर्व पौड़ी प्रशासन की ओर से इस मामले में एक खनन पट्टे पर करोड़ों का अर्थदंड लगाए जाने के साथ ही मशीनों को भी सीज किया गया था। लोगों का कहना है कि अधिकांश मामलों में नदी में खनन पट्टों पर बड़ी मशीनों का उपयोग होते देखा जा सकता है। कुछ मामलों में खनन के लिए मशीनों की स्वीकृति भी दी जाती है, लेकिन स्वीकृति की आड़ में मानकों का खुला उल्लंघन हो रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता सीताराम बहुगुणा का कहना है कि श्रीनगर में जल विद्युत परियोजना बनने के बाद पांच किमी. के दायरे में अलकनंदा नदी में पानी नहीं जेसीबी मशीनें व ट्रक दौड़ते हैं। रेत बजरी से पैसा बनाने के लिए सरकारी संरक्षण में खनन कारोबारी नदी को मशीनों से बुरी तरह नोच रहे हैं। जिस कारण नदी में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों ने तालाब की शक्ल ले ली है। नदी में बने ऐसे तालाब में नहाने के दौरान डूबने से बुधवार को दो छात्रों की मौत हो गई है। उन्होंने कहा कि खनन के लिए मशीनों के उपयोग व मानकों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। खान अधिकारी पौड़ी राहुल नेगी का कहना है कि खनन कार्य में मानकों का उल्लंघन करने व बिना स्वीकृति के मशीनों का उपयोग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। कहा, इसको लेकर लगातार अभियान जारी है।
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