संवाद न्यूज एजेंसी,
श्रीनगर। इस बार बैकुंठ चतुर्दशी मेला शहर से करीब दो किलोमीटर दूर आवास विकास मैदान, भक्तियाना में लगने से श्रीनगर के बाजारों से रौनक गायब हो गई है। जहां पहले मेले के दौरान बाजारों में खरीददारों की भीड़ रहती थी, वहीं अब दुकानें सूनी नजर आ रही हैं।
व्यापारियों का कहना है कि जब तक मेला जीआईटीआई मैदान में लगता था, तब तक गोला बाजार, काला रोड, गणेश बाजार, सब्जी मंडी और वीरचंद्र सिंह गढ़वाली मार्ग पर चहल-पहल रहती थी और बिक्री भी खूब होती थी। अब मेला शहर से दूर लगने के कारण ग्रामीण सीधे वाहन से मेला स्थल तक पहुंचते हैं और लौट जाते हैं, जिससे बाजार तक कोई नहीं आता।
व्यापारी परवेज, हरीश, वंशी कालड़ा, नीटू मिश्रा और राजीव ने बताया कि भीड़ घटने से कारोबार ठप है, दुकानों और गोदामों में माल जस का तस पड़ा है। उन्होंने कहा कि पहले मेला पूरे शहर की जान होता था, अब बाजार और मेला दोनों अलग-अलग हो गए हैं।
व्यापारियों की मांग है कि भविष्य में मेला दोबारा शहर के बीच स्थित जीआईटीआई मैदान में लगाया जाए, ताकि श्रीनगर की पारंपरिक बाजार संस्कृति और पुरानी रौनक लौट सके।