श्रीनगर। गढ़वाल के मुख्य केंद्र श्रीनगर और इसके आसपास के इलाकों का व्यावसायिक परिदृश्य बीते दो सालों में पूरी तरह बदल चुका है। श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर उफल्डा से लेकर श्रीकोट तक इन दिनों ब्रांडेड शोरूम और मॉल लगातार खुल रहे हैं। महज दो वर्ष के भीतर इस क्षेत्र में लगभग 15 से 20 बड़े मॉल और नामी कंपनियों के शोरूम खुल चुके हैं।
व्यावसायिक विस्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कभी शांत रहने वाले श्रीकोट में पहले जहां सिर्फ एक मॉल था, वहीं हाल ही में एक और बड़ा मार्ट खुल चुका है। एजेंसी मोहल्ले से लेकर बांसवाड़ा तक और श्रीनगर मुख्य बाजार से उफल्डा तक नामी कंपनियों के फुटवियर, गारमेंट्स और इलेक्ट्रॉनिक्स के बड़े शोरूम खुल चुके हैं। यही नहीं, कमलेश्वर क्षेत्र में भी कुछ नए आउटलेट्स खुलने की तैयारी में हैं। पहाड़ के इस उभरते शहर में ग्राहकों को खींचने के लिए इन शोरूम्स द्वारा तगड़ी प्रतिस्पर्धा की जा रही है। हर दूसरे शोरूम पर 50 प्रतिशत तक की छूट के बोर्ड लटके हुए हैं। त्योहारों के सीजन में तो लुभावनी स्कीमों की झड़ी लगा दी जाती है।
स्थानीय छोटे और पारंपरिक व्यापारी हो रहे प्रभावित
इन बड़े कॉर्पोरेट ब्रांड्स के आने से श्रीनगर के स्थानीय छोटे और पारंपरिक व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि वे पहले से ही ऑनलाइन शॉपिंग के चलन से मार झेल रहे थे, और अब इन बड़े शोरूम्स के खुलने से रही-सही कसर भी पूरी हो गई है। श्रीनगर के व्यापारियों आशीष सडाना, जगमोहन कालडा, परवेज अहमद, शार्दुल शाह, बासुदेव कंडारी और प्रवीण अग्रवाल ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि, स्थानीय छोटा दुकानदार पहले से ही मंदी और संकट के दौर से गुजर रहा है।