हिंडोलाखाल पुलिस ने फरार चल रहे इनामी कबूतरबाज जावेद खान को मुजफ्फरनगर में धर दबोचा। जावेद पर साल 2019 में चंद्रबदनी के एक युवक को कुक की नौकरी का झांसा देकर सऊदी अरब भेजने का आरोप है। सऊदी अरब के कतर में उसे एक अज्ञात स्थान में बंधक बना दिया गया था। स्थानीय विधायक विनोद कंडारी, विदेश मंत्रालय, पुलिस और अन्य लोगों के प्रयास से युवक अपने वतन लौट आया।
चंद्रबदनी के तोली गांव निवासी दीवान सिंह के कतर जाने की कहानी 2018 में केदारनाथ से शुरू हुई थी। वहां होटल में काम करते हुए उसकी मुलाकात लकड़ी के ठेकेदार आलम खान से हुई। आलम ने कतर में कुक का काम दिलवाने के लिए एजेंट जावेद खान से उसे मिलवाया। जनवरी 2019 में एक लाख 35 हजार रुपये लेकर जावेद खान पुत्र मुहम्मद इदरीस निवासी महबूबनगर, गली न. 3 जिला मुजफ्फरनगर ने दीवान को कतर भेज दिया, लेकिन इसके बाद दीवान की कोई खोज खबर नहीं मिली। सिर्फ यही मालूम हुआ कि उसे कतर में किसी अज्ञात स्थान पर बंधक बनाकर रखा गया है। दीवान सिंह के भाई सोबन सिंह व पत्नी मकानी देवी लगातार उसकी वापसी के प्रयास करते रहे। जावेद ने दीवान की सकुशल वापसी के लिए उनसे 50 हजार की मांग की।
मामले में विधायक विनोद कंडारी ने विदेश मंत्रालय से संपर्क कर उसकी वापसी का अनुरोध किया। अगस्त 2019 में दीवान की पत्नी मकानी देवी ने हिंडोलाखाल थाने में जावेद और आलम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। विदेश मंत्रालय और पुलिस की कोशिशों से दो माह पूर्व दीवान कतर से घर लौट आया था, लेकिन जावेद पुलिस के हाथ नहीं आ पाया था। पुलिस टीम जावेद की तलाश में लगातार दबिश देने के साथ ही मुखबिरों से सूचना लेती रही। थाना प्रभारी हिंडोलाखाल जेपी कोहली ने बताया कि पुलिस ने मंगलवार रात को जावेद को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी टिहरी डा. वाईएस रावत ने फरार जावेद पर 500 रुपये का इनाम रखा था, जो पुलिस टीम को मिलेगा। सह आरोपी आलम को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।