श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट ने सोमवार को पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में शाह फैसल पर निर्णय करने के बाद पार्टी के चेयरमैन एवं पूर्व मंत्री जावेद मुस्तफा मीर का इस्तीफा भी मंजूर कर लिया। जावेद मुस्तफा मीर जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ राजनेता है जो 5 अगस्त 2019 से अपने घर पर नजरबंद हैं। जेकेपीएम में शामिल होने से पहले वह पीडीपी में थे।
शाह फैसल पर पार्टी ने भले ही सोमवार को फैसला लिया हो परंतु उसकी पृष्ठभूमि काफी पहले से तैयार की जा रही थी। फैसल ने रविवार को अपने ट्विटर हैंडल के परिचय से जेकेपीएम के अध्यक्ष पद का जिक्र हटा दिया था। इस बीच यह खबरें यह भी सामने आ रही हैं कि फैसल को दो विकल्प दिए गए थे। या तो वह प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अनुच्छेद 370 हटाने के ऐतिहासिक फैसले पर बिना टिप्पणी किए अपनी राजनीति को आगे बढ़ाएं या सिविल सर्विस वापस ज्वाइन कर लें।
- एक साल पहले बनाई थी पार्टी
वर्ष 2010 में यूपीएससी के टॉपर रहे शाह फैसल ने जनवरी 2019 में सरकारी सेवा से इस्तीफा देकर सभी को हैरान कर दिया था। इसके दो महीने बाद ही अपनी राजनीतिक पार्टी बना ली थी। फैसल को अगस्त 2019 में गिरफ्तार किया गया था। इस वर्ष तीन जून को उन्हें सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) से मुक्त कर रिहा कर दिया गया था।