इस बार फीकी रही रौनक, औपचारिक आयोजन तक सिमटा कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। गणतंत्र दिवस पर जहां गोला पार्क हर साल देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आता था वहीं इस बार 26 जनवरी को पार्क की रौनक फीकी रही। स्कूली बच्चों की परेड, झांकी और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस बार नहीं दिखे। पूरा आयोजन केवल ध्वजारोहण और राष्ट्रगान तक सिमट कर रह गया जिससे स्थानीय लोगों में निराशा दिखी।
स्थानीय सीताराम बहुगुणा ने कहा कि गोला पार्क में वर्षों से राष्ट्रीय पर्वों को भव्य और गरिमामयी रूप में मनाने की परंपरा रही है लेकिन इस वर्ष न उत्साह दिखा और न ही पूर्व जैसी रौनक। इस बार 26 जनवरी के कार्यक्रम का पता ही नहीं चला। स्कूलों की ओर से केवल प्रभात फेरी निकाली गई जिससे बच्चों को संतोष करना पड़ा। वहीं नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष विपिन मैठाणी ने कहा कि मेरे कार्यकाल (2013–2018) में 15 अगस्त और 26 जनवरी दोनों राष्ट्रीय पर्वों पर स्कूली बच्चों की परेड झांकी और सलामी नियमित रूप से गोला पार्क में होती रही है। वहीं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष पूनम तिवाड़ी ने कहा कि मेरे कार्यकाल (2019–2022) में भी दोनों राष्ट्रीय पर्वों पर बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम होते रहे। वहीं मेयर आरती भंडारी ने कहा कि 26 जनवरी को अधिकतर स्कूलों में अपने कार्यक्रम होते हैं इसलिए वे मार्च पास्ट में शामिल नहीं हो पाते। पहले भी 26 जनवरी को स्कूली बच्चों की परेड या सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं हुए हैं। नगर निगम की ओर से मार्च पास्ट का आयोजन 15 अगस्त और बैकुंठ चतुर्दशी पर गोला पार्क में कराया जाता है।
डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, स्वास्थ्य कर्मी सम्मानित
श्रीनगर। नगर क्षेत्र के शैक्षणिक संस्थानों में गणतंत्र दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया। गढ़वाल विवि के प्रशासनिक भवन परिसर में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। विवि के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने झंडा फहराया। मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने संविधान के मूल्यों, कर्तव्यों और अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानित किया। केंद्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र, सशस्त्र सीमा बल श्रीनगर में बल के उपमहानिरीक्षक सुभाष चंद नेगी ने सभी से राष्ट्र के प्रति निष्ठा, कर्तव्य और अनुशासन का पालन करने का आह्वान किया। वहीं चौरास के राइंका मंजाकोट, जीजीआईसी श्रीनगर, जीआईसी, विद्या मंदिर आदि विद्यालयों में भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। संवाद