देवप्रयाग। जीवन कथा संस्थापक राकेश पंवार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें उन्होंने गढ़वाली संगीत जगत में नरेंद्र सिंह नेगी की तारीफ करते हुए अन्य कलाकारों को लक्षित कर कहा कि जितना मर्जी ताण मार ल्यो गढ़वाली गानों मा। जु नेगी जीन गाना बणेयली ना, वन गाना तुमरु बसों छही नी बणणु।इस बयान के बाद से उत्तराखंड के कई गायकों, संगीतकारों और सामाजिक हस्तियों ने उनकी आलोचना की है। जिसमें यह मुद्दा उठाया गया है कि हर कलाकार की अपनी विशेषता होती है और किसी एक की तुलना में दूसरे को कमतर आंकना अनुचित है। गायककार पवन सेमवाल और जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र भट्ट सहित कई लोग सोशल मीडिया पर उनकी बातों का जबाब दे रहे हैं। उनका कहना है कि प्रीतम भरत्वाण, पाण्डवाज बैंड, किशन महिपाल, चन्द्र सिंह राई, वीरेन्द्र राजपूत, इन्द्र आर्य जैसे कलाकारों ने भी उत्तराखंड की संस्कृति और परिवेश को अपने गीतों में बखूबी उतारा है। सभी अपनी-अपनी जगह एक से बढ़कर एक हैं। वहीं पवन सेमवाल ने झांपू गीत से त्रिवेन्द्र सरकार को प्रभावित किया।