उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर्स एसोसिएशन ने टिहरी के अलमस गांव में विद्युत दुर्घटना के लिए अवर अभियंता के निलंबन का विरोध किया है। संगठन का कहना है कि बिना जांच के अवर अभियंता को निलंबित करना उचित नहीं है। वहीं पौड़ी में भी विरोध जताते हुए एसोसिएशन ने कहा कि अवर अभियंता की जल्द सेवा बहाल नहीं की गई, तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा।
रविवार को उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर्स एसोसिएशन की सचिन सचदेवा की अध्यक्षता में ऑनलाइन बैठक संपन्न हुई। बैठक में कहा गया कि 4 जून को जौनपुर ब्लॉक (टिहरी) के अलमस गांव में करंट लगने से दादा-पोते की मौत हो गई थी। वह इस दुर्घटना के लिए पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताते हैं लेकिन इसके लिए क्षेत्रीय अवर अभियंता के निलंबन का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी जानकारी मिली है कि विद्युत तार इंसुलेटर से निकलकर लटक गए हैं। तार जमीन के संपर्क में नहीं आए जिससे किसी प्रकार की ट्रिपिंग विद्युत सब स्टेशन में नहीं आई और न ही किसी अन्य माध्यम से सूचना मिली।
दुर्भाग्यवश इन तारों के संपर्क मेें आने से यह हादसा हो गया। उन्होंने कहा कि बिना जांच के इस दुर्घटना के लिए अवर अभियंता को जिम्मेदार ठहराना न्यायोचित नहीं है। उन्होंने अवर अभियंता को बहाल करने की मांग की। वहीं पौड़ी में प्रांतीय उपाध्यक्ष नौटियाल ने कहा कि निर्दोष अवर अभियंता को जल्द बहाल नहीं किया जाता है, तो जूनियर इंजीनियर प्रदेश स्तरीय आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे। बैठक में प्रांतीय उपाध्यक्ष आरपी नौटियाल, प्रशांत जुयाल, जिला सचिव यतेंद्र कुमार, आशा पंवार, शीशपाल राणा, गौतम, गुलजार अहमद एवं सुरेश नेगी मौजूद थे।