पौड़ी। पौड़ी गढ़वाल में जल जीवन मिशन योजना के तहत किए जा रहे कार्यों के लिए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने एनआईसी कक्ष में बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जल संकट, फॉरेस्ट क्लीयरेंस, जल जीवन मिशन प्रमाणपत्र, एटीआर सबमिशन आदि जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष ध्यान देेने को कहा। साथ ही जल संकट से निपटने के लिए ठोस कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे टैंकरों की आपूर्ति का रोस्टर तैयार करें, वैकल्पिक जल स्रोतों की पहचान करें। वहीं जल संकट से प्रभावित क्षेत्रों की नियमित समीक्षा भी करें। संबंधित अधिकारियों को 15 अप्रैल से 15 जून तक जल संकट से निपटने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए। कहा-जल संस्थान व जल निगम के अधिकारी पाइप लाइनों और पेयजल टैंकों के निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा करें। पंपिंग स्टेशनों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही मीटर रीडिंग के आधार पर जल उपभोग का पता लगाने को कहा। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जिन गांवों में जल संकट अधिक है और वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध नहीं हैं, उनके लिए विशेष कार्य योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि 289 गांवों में से 177 गांवों में वैकल्पिक जलस्रोत उपलब्ध हैं। नौ ऐसे गांव जहां टैंकर या अन्य वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे गांवों के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जल संकट से निपटने के लिए रैपिड सॉल्यूशन टीम से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। बैठक में परियोजना प्रबंधक कनुप्रिया रावत, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी, अधिशासी अभियंता जल संस्थान एसके रॉय आदि मौजूद रहे।