श्रीनगर। प्रदेश सरकार पर अवैध हिरासत में रखने का आरोप लगाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रो. सैफुद्दीन सोज ने शुक्रवार को फिर दोहराया कि वह कैद में हैं। उन्हें बेटी के घर नहीं जाने दिया गया। बीमार बहन से मिलने जाने पर दो पीएसओ साथ लगा दिए।
सोज ने कहा कि शुक्रवार को जब वह हैदरपोरा की गुलबर्ग कॉलोनी में अपनी बीमार बहन से मिलने गए तो पुलिस ने अपने दो पीएसओ उनके साथ भेजे, लेकिन घर लौटते समय पुलिस ने एक वीडियो जारी कर यह दिखाने की कोशिश की कि मैं एक आजाद इंसान हूं। पुलिस का यह बयान एक सफेद झूठ है। कहा कि शुक्रवार दोपहर को भी करीब 12 बजे जब वह बेटी के घर जाने के लिए निकले तो पुलिस ने उन्हें जाने नहीं दिया। इससे यह साबित होता है कि वह अभी भी नजरबंद है। उन्हें यह समझ नहीं आता कि सरकार ऐसा क्यों कर रही है। उन्होंने कहा कि मेरी ओर से कानून का कोई उल्लंघन नहीं किया गया है। बावजूद भी नजरबंद रखा गया है। इससे पता चलता है कि कश्मीर में आम नागरिक की स्वतंत्रता को दबाया जा रहा है।
वीरवार को हुए घटनाक्रम के बाद सोज ने आरोप लगाया था कि प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में भी झूठ बोला है कि उनकी मूवमेंट पर कोई प्रतिबंध नहीं है। वीरवार को जिस प्रकार उन्हें श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र हुमहामा स्थित घर से निकलने पर रोका गया उससे सिद्ध होता है कि सरकार अदालत में भी झूठ बोल रही है। वह इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे।