श्रीनगर। आवास विकास मैदान श्रीनगर में आयोजित सहकारिता मेले में बुधवार रात को आयोजित सांस्कृतिक संध्या में लोक गायक सौरभ मैठाणी व अमित सागर के गीतों की धूम रही। सौरभ के मैं पहाड़ों कु रेवासी और गायक अमित सागर की चैत की चैत्वाली गीत पर दर्शक खूब झूमे। वहीं चिल्ड्रन एकेडमी, राजकीय माध्यमिक विद्यालय श्रीकोट और आरसी मेमोरियल स्कूल के छात्र-छात्राओं के लोकनृत्य और गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।
जनपद स्तरीय सहकारिता मेला के तीसरे दिन बृहस्पतिवार को जिला सहकारी बैंक टिहरी के पूर्व अध्यक्ष सुभाष रमोला मुख्य अतिथि और जयवीर पूर्व अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक टिहरी विशिष्ट अतिथि रहे। मौके पर मुख्य अतिथि रमोला ने कहा कि वर्ष 2018 के बाद उत्तराखंड सहकारिता विभाग ने देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
सहकारिता अब राज्य में आर्थिक सशक्तिकरण और रिवर्स पलायन रोकने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के नेतृत्व में सहकारी बैंक 300 करोड़ रुपये के लाभ में हैं। मौके पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना के तहत 88 किसानों को 1.30 करोड़ रुपये के ऋण चेक वितरित किए गए। वहीं प्रगति महिला सहायता समूह नीलकंठ, खुशी महिला सहायता समूह बिथ्याणी को 5-5 लाख रुपये के चेक प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं को लक्ष्मी किट और गोद भराई किट भी वितरित की गईं। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी पौड़ी गिरीश गुणवंत, महावीर कुकरेती, मातवर सिंह रावत, संपत सिंह रावत, नरेंद्र सिंह रावत, मनोज पटवाल, संजय रावत, पान सिंह राणा आदि मौजूद रहे।
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क्विज प्रतियोगिता में शैमफोर्ड स्कूल प्रथम
सहकारिता मेले के उपलक्ष्य में स्कूली बच्चों के बीच क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें शैमफोर्ड स्कूल प्रथम, संस्कृत विद्यालय द्वितीय और भगवती मेमोरियल स्कूल तृतीय स्थान पर रहे।
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स्थानीय उत्पादों को मिला रहा बड़ा बाजार
श्रीनगर मेले में लगाए गए 165 से अधिक स्टॉल में स्थानीय उत्पादों को बाजार मिल रहा है। उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ के ऑर्गेनिक उत्पाद राजमा, मंडुवा का आटा, अचार और मक्के का आटा मेले में विशेष रूप से लोकप्रिय रहे। उत्तराखंड रेशम फेडरेशन के कोट, टोपी, सूट, मफलर, स्टोल और पिछौरे भी आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। करवा चौथ के निकट होने के कारण रेशम की साड़ियां महिलाओं की पहली पसंद बनीं हैं। फेडरेशन के महाप्रबंधक मातवर सिंह कंडारी ने बताया कि पहाड़ी टोपी को युवा मोदी टोपी के नाम से खरीद रहे हैं, जिसकी जबरदस्त मांग बनी हुई है।