श्रीनगर। डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि गांदरबल में भाजपा नेता पर हमले का काम पाकिस्तान ने हिज्ब कमांडर रहे आतंकी रियाज नायकू के करीबी को सौंपा था। हमले के दौरान जवाबी कार्रवाई में वह मार गिराया गया।
डीजीपी दिलबाग सिंह ने बुधवार को आतंकी हमले में शहीद हुए कांस्टेबल अल्ताफ हुसैन को श्रद्धांजलि देने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मंगलवार शाम जब गांदरबल के नुनर इलाके के रहने वाले भाजपा नेता ग़ुलाम हसन राथर घर से दूसरी जगह जाने के लिए निकाल रहे थे इसी दौरान आतंकियों ने उनपर फायरिंग की। उनके साथ तैनात कांस्टेबल अल्ताफ हुसैन और जहांगीर ने आतंकियों को मुहतोड़ जवाब दिया। इस दौरान अल्ताफ गंभीर रूप से घायल हो गए और शहादत पाई। जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी को मार गिराया गया। डीजीपी ने बताया कि मारे गए आतंकी की शिनाख्त पुलवामा के अवंतीपोरा के रहने वाले शाबिर के तौर पर की गई। वह हिज्ब कमांडर रियाज नायकू का दाहिना हाथ था। वह उसके साथ ओजीडल्ल्यू के तौर पर काम करता था और पाकिस्तान ने ही उसे विशेष तौर पर इस हमले को अंजाम देने के लिए गांदरबल भेजा था। दिलबाग सिंह ने कहा कि हमे गर्व है कि हमारे जांबाज सिपाही ने अपनी जान की परवाह न करते हुए मुहतोड़ जवाब दिया। डीजीपी ने जवान की शहादत को सलाम करते हुए कहा कि इनकी शहादत व्यर्थ नहीं जाने देंगे।
ओजीडब्ल्यू से बना सक्रिय आतंकी
डीजीपी ने बताया कि शाबिर कुछ समय पहले ही ओजीडब्ल्यू से सक्रिय आतंकी बना था और हिज्ब द्वारा इसे वहां से गांदरबल के लिए टारगेट किलिंग के लिए रवाना किया गया था। उसे केवल पाकिस्तान द्वारा टारगेट दिया जाता था। टीआरएफ को लेकर डीजीपी ने कहा कि वो एक माउथपीस है पाकिस्तान का, जिसने पहले 39 पत्रकारों को धमकी दी। पाकिस्तान ही इन सभी हत्याओं के पीछे शामिल है जो टीआरएफ के जरिये इन्हें अंजाम दे रहा है। गांदरबल हमले में एक और आतंकी के होने खबर को लेकर डीजीपी ने कहा कि खून के निशान पाए गए हैं जिसे फॉलो किया गया है। मामले में एसपी ने कहा कि एक से ज्यादा आतंकी हमले में शामिल थे। और खून के निशान पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।