जम्मू। शिक्षा विभाग में एक स्टेशन पर दो साल पूरे होते ही शिक्षक व गैर शिक्षक स्टाफ को ट्रांसफर कर दिया जाएगा। वर्तमान में दो साल पूरे कर चुके क्लेरिकल स्टाफ को तत्काल स्थानांतरित करने के निर्देश जारी हो गए हैं। वहीं, गैर शिक्षक श्रेणी से शिक्षक बनने के लिए एप्टीट्यूड टेस्ट पास करना अनिवार्य होगा। इस टेस्ट के पास न करने की सूरत में केवल ग्रेड प्रमोशन ही दिया जाएगा। शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. असगर हसन सामून ने शुक्रवार को कई ट्वीट कर विभाग में सुधार का रोडमैप साझा किया।
डॉ. सामून ने कहा है कि शिक्षा विभाग में जरूरी सुधार के लिए कई दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। मिडिल, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में मुखिया नहीं है। जोनल शिक्षा अधिकारी के 70 फीसदी पद रिक्त पड़े हैं जिन्हें जल्द से जल्द भरने की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने लिखा है कि विभाग में लैब असिस्टेंट को बिना किसी परीक्षा के शिक्षक बना दिया जाता है। गैर शिक्षक श्रेणी से शिक्षक बनाए गए कर्मियों संख्या काफी ज्यादा है। लेकिन इन कर्मियों में एक शिक्षक के नजरिए की कमी होती है। अब एप्टीट्यूड टेस्ट अनिवार्य होगा। डॉ. सामून ने शिक्षा निदेशकों और मुख्य शिक्षा अधिकारियों से ऐसे लेक्चररों को डिटैच करने के निर्देश दिए हैं जो वर्तमान में आफिसर आन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) पद पर सेवाएं दे रहे हैं। एक अन्य ट्वीट में डॉ. सामून ने लिखा कि महिला शिक्षक की चाइल्ड केयर लीव के दौरान शिक्षा विभाग बच्चों की पढ़ाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करे। उन्होंने कहा कि पहली कक्षा में दाखिले के लिए न्यूनतम आयु पांच वर्ष है। विभाग सुनिश्चित करेगा कि इस नियम का उल्लंघन न हो।