अंजनीसैण के कथौली गांव में ईसाई प्रार्थना सभा का विरोध
देवप्रयाग। भोले-भाले ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर धर्मांतरण कराने का मामला सामने आया है। विकासखंड जाखणीधार के कथौली (अंजनीसैण) गांव निवासी हिंदू कार्यकर्ता अमित थपलियाल ने क्षेत्र में चल रहे इस गतिविधि का एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में अमित अपने साथियों के साथ गांव के ही एक मकान के भीतर प्रवेश करते हैं, जहां करीब 25 से 30 स्थानीय महिलाएं और मासूम बच्चे जमीन पर बैठकर ईसाई प्रार्थना सभा कर रहे थे। अमित थपलियाल ने वहां मौजूद बाहरी लोगों को तुरंत जाने के लिए कहा और मकान मालिक से तीखी बहस करते हुए पूछा कि हिंदू होने के बावजूद वे अपने घर में इस तरह का आयोजन क्यों करवा रहे हैं। वहां मौजूद अन्य लोगों ने भी मकान मालिक को समझाया कि यदि मन की शांति चाहिए तो योग करो, समाज को बांटने का काम मत करो।
क्षेत्रीय युवाओं का कहना है कि पहाड़ के पुरुष रोजगार के सिलसिले में होटलों या बाहर अन्य जगहों पर रहते हैं, जिसका फायदा उठाकर बाहरी लोग गांवों में घुसपैठ करते हैं। ग्रामीणों ने इस संवेदनशील मुद्दे पर भाजपा, कांग्रेस, आप और यूकेडी जैसे राजनीतिक दलों की चुप्पी पर भी गहरी नाराजगी जताई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए अमित थपलियाल और क्षेत्र के जागरूक नागरिक कल टिहरी में जिला मजिस्ट्रेट के जनता दरबार में जाकर इस मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराएंगे। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि स्कूलों में गीता का पाठ अनिवार्य किया जाए और धर्मांतरण कराने वाले लोगों पर कार्रवाई की जाए।