पौड़ी। गढ़वाल विवि के बीजीआर परिसर पौड़ी के छात्रों ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री की बुद्धि-शुद्धि के लिए यज्ञ किया। छात्रों ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से एक सितंबर से विवि के फाइनल ईयर के छात्र-छात्राओं की परीक्षा आयोजित करने के फैसले पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
बृहस्पतिवार को बीजीआर परिसर पौड़ी में यज्ञ करते हुए एनएसयूआई के प्रदेश सचिव मोहित सिंह ने कहा कि एक ओर कोरोना महामारी संक्रमित मामलों की तादाद बढ़ती जा रही है, वहीं एमएचआरडी मंत्रालय ने गढ़वाल विवि के फाइनल ईयर के छात्रों की परीक्षा कराने का फैसला लिया है। कहा कि यह फैसला छात्रों को मौत के मुंह में धकेलने वाला है। कहा कि देश के कोने-कोने से छात्र परीक्षा देने आएंगे। विश्विद्यालय द्वारा अभी तक कोई भी ऐसी व्यवस्था नहीं की गई, जिससे छात्रों को कोरोना से संक्रमित होने से रोका जा सके। मोहित ने कहा कि इस फैसले के विरोध और एमएचआडी मंत्री की बुद्धि के लिए यज्ञ किया गया है। उन्होंने जल्द ही फाइनल वर्ष के छात्र-छात्राओं की परीक्षा भी रद्द कर उन्हें प्रमोट करने की मांग की है। इस मौके पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आशीष नेगी, पूर्व कोषाध्यक्ष अंकित सुंदरियाल, छात्रसंघ सचिव गोपाल नेगी, आकाश रावत व दीपक नौटियाल आदि मौजूद रहे।
परीक्षा से पहले छात्रों की समस्याएं हल करें
छात्र संघ पदाधिकारियों ने कुलपति को भेजा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। एचएनबी केंद्रीय गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर के छात्र संघ अध्यक्ष अंकित रावत और उपाध्यक्ष अनमोल भंडारी ने अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाओं को करवाने से पहने छात्रों की समस्याओं पर गौर करने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में कुलपति को ज्ञापन भेजा है।
छात्र नेताओं ने कहा कि आगामी सितंबर माह से शुरू हो रही परीक्षा देने के लिए छात्र-छात्राओं को देश के विभिन्न क्षेत्रों से आना पड़ेगा। वर्तमान में वाहनों की पर्याप्त सुविधा न होने के कारण उनको मुंह मांगा किराया देकर पहुंचना पड़ेगा। आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए यह भारी साबित होगा। उन्होंने कहा कि यूजीसी ने विवि को परीक्षाओं से संबंधित दिशा-निर्देश भेजे हैं। यदि विवि इन निर्देशों का पालन नहीं करता है तो परीक्षाएं निरस्त की जानी चाहिए। असाइनमेंट व इंटरनल परीक्षा के आधार पर छात्र-छात्राओं का परिणाम घोषित किया जाए।
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